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देवरिया शेल्टर होम कांड: अधिकारियों ने बदला सुर, 18 से 7 हो गई मिसिंग लड़कियों की संख्या

सरकार बैकफुट पर, लीपापोती का खेल शुरू
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देवरिया

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Ashish Kumar Shukla

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Updated: 8 Aug 2018, 7:51 PM IST

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सरकार बैकफुट पर, लीपापोती का खेल शुरू

देवरिया से धीरेन्द्र गोपाल की रपट...

शेल्टर होम में सेक्स रैकेट के संचालन पर सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है। आंकड़ों में हेरफेर कर मिसिंग लड़कियों की संख्या अब 7 कर दी गई है। पहले 18 लड़िकयों की मिसिंग बताने वाले देवरिया पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने मीडिया के सामने नई कहानी पेश कर दी है। उनका साथ दिया नए जिलाधिकारी अमित किशोर ने। आंकड़ों के हेरफेर पर जब सवालों की बौछार शुरू हुई तो दोनों अधिकारी प्रेस कांफ्रेंस खत्म हुए बिना चले गए।

दरअसल, देवरिया के मां विंध्यवासिनी शेल्टर होम में सेक्स रैकेट के खुलासे के बाद योगी सरकार पर सड़क से लेकर संसद तक सवाल उठने लगे। इन सवालों का जवाब देने की बजाय सरकार अब कागजों में लीपापोती का खेल शुरू कर चुकी है। बुधवार को देवरिया के नए जिलाधिकारी अमित किशोर और पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने मीडिया से बात की और पूर्व में दिए बयानों से ही पलट गए।

ऐसे उलझाया आंकड़ों में
देवरिया कांड पर अपडेट देते हुए डीएम और एसपी ने बताया कि छापेमारी के दौरान टीम के पास पुरानी सूची थी। उसमें 43 लोगों का नाम था, जिसमें बच्चे-बूढ़े सब शामिल थे। पांच अगस्त की रात छापे में 23 बच्चियां व महिलाएं बरामद हुईं। सूची से मिलान किया गया तो 18 नाम उसमें अंकित थे, शेष पांच वहां नए भी थे। जबकि 25 लोग नए आ चुके थे। उन्होंने बताया कि इस तरह कुल संख्या 48 लोगों की हुई। मिलान होने पर पता चला कि इसमें 15 पुलिस व 10 अन्य माध्यमों से शेल्टर होम आए थे। जांच में पुलिस द्वारा भेजे गए 15 में 13 की तस्दीक की जा चुकी है। 2 लोग नहीं मिले हैं। संस्थान में अन्य माध्यमों से आये 10 अंतःवासियों में से 5 नहीं मिल सके हैं।

एसपी ने अंकड़े गिनाते हुए बताया कि पुरानी लिस्ट 43 की मिली थी, पांच नए की एंट्री नहीं दिखाई गई थी। पुराने 18 व 5 नए मिल गए। पुलिस के भेजे 15 लोगों में 13 कहां-कहां हैं पता चल चुका है। अन्य 10 में पांच की तस्दीक हो चुकी है। केवल 7 का पता लगाया जा रहा है, जिसमें पुलिस के माध्यम से आये 2 व अन्य 5 शामिल हैं।

पुलिस कप्तान ने बताया कि संभव है इनमें कइयों की शादी हो गई हो या कहीं अन्य जगह पर उनका समायोजन किया गया हो। डीएम अमित किशोर ने विदेश भेजने के मामले में किसी प्रकार की जानकारी से इनकार किया। उन्होंने साफ किया कि इस मामले में केवल दो गिरफ्तारियां हुई हैं। बाकी लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा।

पांच अगस्त की रात यह कहा था एसपी ने
एसपी रोहन पी कनय ने बताया था कि मां विंध्यवासिनी महिला व बाल संरक्षण गृह में 42 नाम दर्ज हैं, लेकिन मौके पर केवल 24 लड़कियां ही मिली हैं। बाकी लड़किया कहां हैं, इसका पता लगाया जा रहा। इस आश्रय गृह में काफी लंबे समय से अनियमितता की शिकायत मिल रही थी। बाकी की 18 लड़कियों के बारे में संचालिका गिरजा त्रिपाठी व उनके पति किशोर त्रिपाठी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।