- मामला शासकीय हाई स्कूल परीक्षा केंद्र कैलोद का, जिला पंचायत सीईओ ने १७ मार्च को दो छात्रों का बनाया था नकल प्रकरण
जाहिद खान
देवास. दो विद्यार्थियों का तीन दिन पहले जिस अधिकारी ने नकल प्रकरण बनाया था, उनके पास ही छात्र शिकायत लेकर पहुंच गए और पैर छूकर कहा सर हमें बचा लीजिएा। १७ मार्च को जीव विज्ञान के पेपर में उत्तर पुस्तिका देखकर दो छात्र का नकल प्रकरण बनाया था। नकल प्रकरण बनने के बाद छात्र इतने आहत हुए कि उसी दिन जिला पंचायत सीईओ राजीव रंजन मीणा के घर शिकायती आवेदन लेकर पहुंच गए थे। सीईओ ने घर से दोनों छात्रों को रवाना कर दिया था और अगले दिन शनिवार से सोमवार तक शासकीय अवकाश होने पर मंगलवार को छात्रों ने फिर से अधिकारी को ही आवेदन देकर शिकायत की है। जिस अधिकारी ने छात्रों के नकल प्रकरण बनाए और उन्हे ही शिकायत करने का यह पहला मामला सामने आया है।
कक्षा १२वीं की परीक्षा दे रहे छात्र अंकित पटेल व विनोद का १७ मार्च को जीव विज्ञान का पेपर था। पेपर देने के लिए दोनों कैलोद स्थित परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर पेपर हल कर रहे थे। इसी दौरान जिला पंचायत सीईओ परीक्षा की विशेष चेकिंग के लिए केंद्र पर पहुंचे थे। आवेदन में छात्रों ने उल्लेख किया कि स्कूल में एक कुर्सी-टेबल पर दो-दो छात्र बैठकर परीक्षा देते हैं। इसी तरह अंकित व विनोद भी परीक्षा दे रहे थे। सीईओ सर आए और उन्होंने दोनों की उत्तर पुस्तिका चेक की जिसमें दो प्रश्नों के उत्तर एक समान पाए जाने पर नकल प्रकरण बनाए गए। हमने किसी प्रकार की नकल नहीं की थी, हमें शिक्षक ने पढ़ाया वैसे ही उत्तर हमने याद कर परीक्षा में लिखे थे। हम दोनों के अलावा अन्य विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिका चेक की जाती तो कई प्रश्न के उत्तर एक जैसे मिलते। छात्रों ने अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए नकल प्रकरण निरस्त करने की मांग की है।
वर्जन...
मैं जैसे ही कैलोद में परीक्षा हॉल में पहुंचा तो यह दोनों छात्र चर्चा करने के साथ ही एक-दूसरे की कॉपी देख रहे थे। उत्तर पुस्तिका में प्रश्नों का मिलान किया तो उत्तर एक जैसे मिले और दोनों के द्वारा एक जैसे सेंटेंस भी काटे गए थे। शासन को बनाकर भेज दिया है, बोर्ड ही अंतिम निर्णय लेगा।
राजीव रंजन मीणा, जिला पंचायत सीईओ, देवास।