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चातुर्मास : नृत्य, गीत-संगीत के साथ सात क्षेत्रों का हुआ विवेचन

श्रीशंखेश्वर पाश्र्वनाथ मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, एक नार, सात बेड़ों का भार कार्यक्रम संपन्न

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चातुर्मास : नृत्य, गीत-संगीत के साथ सात क्षेत्रों का हुआ विवेचन

चातुर्मास : नृत्य, गीत-संगीत के साथ सात क्षेत्रों का हुआ विवेचन

देवास। श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ मंदिर तुकोगंज रोड पर चातुर्मास के लिए विराजित साध्वी राजरत्ना श्रीजी के सानिध्य में रविवार को प्रेरक कार्यक्रम संपन्न हुआ । एक नार, सात बेड़ों का भार नामक यह कार्यक्रम नृत्य, गीत-संगीत के साथ संपादित किया गया।
जैन जगत के सात क्षेत्रों जिनङ्क्षबब, जिनालय, जिन आगम, साधु, साध्वी, श्रावक, श्राविका की संपूर्ण व्याख्या व विशेषताओं का साध्वी के द्वारा विवेचन किया गया। समाज की बालिकाओं ने कलात्मक नृत्य प्रस्तुत किया। तनिष्का घोड़ावत ने सात क्षेत्र रूपी सात कलश मस्तक पर रखकर मनभावन नृत्य का मंचन किया। अनुष्ठान को संपन्न व भक्ति गीत की प्रस्तुति सोनल जैन एंड पार्टी औरंगाबाद द्वारा दी गई। यह अनुष्ठान देवास में पहली बार हुआ जिसमें सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालुओं ने झूमते-नाचते हुए भाग लिया। प्रवक्ता विजय जैन ने बताया कार्यक्रम रविवार को प्रात 8.30 बजे प्रारंभ प्रारंभ हुआ जो दोपहर 3 बजे तक चलता रहा। इसके बाद अङ्क्षहसा भवन में स्वामीवात्सल्य का आयोजन किया गया। सिद्धि तप की तपश्चर्या भी बड़ी तादाद में तपस्वियों द्वारा की जा रही है।

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