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MP Election 2023: हाटपिपल्या विधान सभा सीट पर बीजेपी के मनोज चौधरी आगे

MP Election 2023 Result Live Update: मप्र में विधान सभा चुनाव परिणाम के रुझान आना शुरू हो गए हैं। हाटपिपल्या विधान सभा सीट पर बीजेपी के मनोज चौधरी आगे चल रहे हैं। जिले में सबसे ज्यादा रेकॉर्ड 86.18 प्रतिशत मतदान हाटपीपल्या विधानसभा में हुआ। इस सीट को भी बीजेपी का गढ़ माना जाता है। हालांकि 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी से यह सीट झटक ली थी...

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Oct 29, 2023

MP Election 2023 Result Live Update: मप्र में विधान सभा चुनाव परिणाम के रुझान आना शुरू हो गए हैं। हाटपिपल्या विधान सभा सीट पर बीजेपी के मनोज चौधरी आगे चल रहे हैं। जिले में सबसे ज्यादा रेकॉर्ड 86.18 प्रतिशत मतदान हाटपीपल्या विधानसभा में हुआ। इन चुनावों में प्रदेश के हाटपिपल्या विधान सभा सीट पर बीजेपी ने मनोज चौधरी तथा कांग्रेस ने राजवीर सिंह बघेल को चुनावी मैदान में उतारा है। इस सीट को भी बीजेपी का गढ़ माना जाता है। बीजेपी ने हाटपिपल्या सीट से मनोज चौधरी को मैदान में उतारा है तो, कांग्रेस ने राजवीर सिंह बघेल को...

साल 2018 के विधानसभा चुनाव में हाटपिपल्या सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार मनोज नारायण सिंह चौधरी ने बीजेपी के दीपक कैलाश जोशी को कड़े मुकाबले में 13,519 मतों के अंतर से हरा दिया था। लेकिन 2020 में यहां पर दलबदल हो गया और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों ने कांग्रेस से बगावत कर दी। ये लोग बाद में बीजेपी में शामिल हो गए, जिससे यहां पर उपचुनाव कराए गए। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी के टिकट पर चुनाव लडऩे वाले मनोज चौधरी को 84,405 वोट मिले। उनके खिलाफ मैदान में उतरे कांग्रेस के कुंवर राजवीर सिंह राजेंद्र सिंह बघेल को 70,501 वोट मिले। मनोज चौधरी ने 13,904 मतों के अंतर से यह उपचुनाव जीत लिया। 2018 के चुनाव में हाटपिपल्या सीट पर कुल वोटर्स 1,82,250 थे, जिमसें पुरुष वोटर्स की संख्या 94,830 थी जबकि महिला वोटर्स 87,419 थीं। इनमें से कुल 1,57,962 वोटर्स ने वोट डाले थे।

यहां देखें MP Election 2023 Live Update : https://www.facebook.com/Patrikamadhyapradesh/videos/1083569552651432

राजनीतिक इतिहास

हाटपिपल्या विधानसभा सीट के राजनीतिक इतिहास की बात की जाए तो यहां पर बीजेपी की पकड़ ज्यादा रही है। 90 के दशक के बाद के परिणामों को देखें तो 1990 में बीजेपी को जीत मिली थी तो, 1993 में कांग्रेस ने यह सीट अपने नाम कर लिया। लेकिन 1998 में बीजेपी के तेज सिंह सेंधव ने हार का बदला लेते हुए यह सीट फिर से जीती। 2003 में कांग्रेस के राजेंद्र सिंह बघेल ने भी पिछली हार का बदला लिया और फिर विधायक बन गए। 2008 के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश चंद जोशी के बेटे दीपक जोशी यहां से विधायक बने। 2013 के चुनाव में भी वह फिर से जीते। लेकिन 2018 के चुनाव में जीत की हैट्रिक से चूक गए और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

Updated on:
03 Dec 2023 11:24 am
Published on:
29 Oct 2023 12:11 pm
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