3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फिलीपींस की राजकुमारी, कर्नाटक के राज्यपाल, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रदेश के मुख्यमंत्री

थाईलैंड के पर्यटन मंत्री, नेपाल, जापान, लंदन, दुबई, शिकागो से शिरकत करने आएंगे गुरुभक्त

2 min read
Google source verification

देवास

image

mayur vyas

Jul 20, 2019

dewas

patrika

सोनकच्छ. 30 साल के साधु जीवन में किए 3 हजार उपवास 90 हजार किमी की पैदल विहारयात्रा, भगवान महावीर के बाद अखंड मौन साधना के साथ सिंहनिष्क्रीडित व्रत व 64 रिद्धि व्रत की कठोर साधना करने वाले मानव सेवा स्थली पुष्पगिरी प्रणेता आचार्य गुरु पुष्पदंत सागर जी महाराज के शोम्य शिष्य अन्तर्मना महोदहि भारत गौरव अपने आचार्य गुरु से विभूषित मुनि श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज का अन्तर्मना स्वर्णिम जन्म जयन्ति महोत्सव का आगाज पुष्पगिरी तीर्थ सोनकच्छ में 21, 22 व 23 जुलाई को आयोजित किया जा रहा है।
इस आयोजन को लेकर संघत मुनि पीयूष सागर जी महाराज ने बताया आयोजन के दौरान ऐसा चिकित्सा शिविर लगाया जा रहा है जिसमें विदेश की डॉक्टर देखकर बिना किसी चीर फाड़ व एक्सरे के पीडि़त को उचित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में फिलीपींस की राजकुमारी, कर्नाटक के राज्यपाल, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, साचाफिमुख बैंकाक थायलैंड के पर्यटन मंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित नेपाल, जापान, लंदन दुबई शिकागो व भारत देश की कई बड़ी हस्तियां अन्तर्मना मन: की साधना को प्रणाम करने के लिए शिरकत करेंगी। 21 जुलाई को अन्तर्मना जीवन दर्शन, 22 को गुणावाद सभा व 23 को अन्तर्मना प्रेरणा दिवस स्वर्णिम जन्म जयन्ति महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। कार्यक्रम में स्वागत अध्यक्ष प्रदेश के लोक निर्माण विभाग व पर्यावरण मंत्री व सोनकच्छ विधायक सज्जन सिंह वर्मा रहेंगे। कार्यक्रम में विशेष रूप से मानव कल्याण के कार्य किये जायेंगे। चिकित्सा शिविर, पौधारोपण, गोशाला प्रबंध, अनाथ आश्रम में भोजन आदि के कार्यक्रम भी होंगे। कार्यक्रम के सूत्रधार अध्यक्ष सरिता जैन चेन्नई, अशोक दोसी, चातुर्मास सेवा समिति प्रशांत गंगवाल ग्वालियर, अन्तर्मना जन्मजयंती के मुख्य कार्यकर्ता विवेक जैन कोलकाता, कार्याध्यक्ष डॉ संजय जैन इंदौर, महामंत्री आरसी गांधी, ऋषभ जैन अहमदाबाद गुरुभक्त परिवार के सुरेंद्र बाकलीवाल, डीके जैन, सनत छाबड़ा सोनकच्छ, जेनेश झांझरी, विमल सोगानी, महावीर बैनाड़ा, विकल्प सेठी आदि रहेंगें।
अन्तर्मना प्रसन्न सागर जी गुरुदेव की उपाधि
साधना से सृजन के सौपान एवं वाणी के सलिल प्रवाह के अधिपति होने के नाते आपको विभिन्न उपाधियों से विभूषित भी किया गया है मुनिश्री उपाधियों के पार साधना के अनुपम सौपान है। गुजरात शासन द्वारा आपको राज्यपाल ओ.पी. कोहली के करकमलों से साधना महोदधि के उपाधि से विभूषित किया गया। विश्व की सबसे बड़ी राखी रक्षासूत्र नामक कार्य, कृत्य एवं लेखन के लिए वियतनाम विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया जो भारत का गौरव का विषय है। आपका नाम इण्डिया बुक रिकार्ड, एशिया बुक रिकार्ड और गिनीज बुक रिकार्ड में अपने कृतित्व के कारण दर्ज किया गया। मानवीय मूल्यों के रक्षार्थ परस्पर मैत्री, वात्सल्य व शांति का संदेश देते हुए विश्व की सबसे बड़ी राखी रक्षासूत्र बुक ऑफ राखी को गूगल के माध्यम से पढ़ा जा सकता है। ब्रिटेन की संसद में सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था भारत गौरव के सम्मान से सम्मानित किया गया। आचार्य गुरु पुष्पदन्त सागर गुरुदेव ने खुद अपने शिष्य को तपाचार्य की उपाधि से विभूषित किया है।

Story Loader