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सबके लिए मिसाल बनी हेड मास्टर की ये दो बेटियां, पढि़ए सफलता की कहानी उनकी जुबानी

कहते हैं भगवान जब देता है तो छप्‍पर फाड़ कर देता है। ये कहावत छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में रहने वाले एक हेड मास्टर पर लागू होती है।
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धमतरी

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Ashish Gupta

Dec 31, 2017

Success Story

सबके लिए मिसाल बनी धमतरी की ये दो बेटियां, पढि़ए उनकी सफलता की कहानी उनकी जुबानी

धमतरी. कहते हैं भगवान जब देता है तो छप्‍पर फाड़ कर देता है। ये कहावत छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में रहने वाले एक हेड मास्टर पर लागू होती है। दरअसल, वर्ष-2017 विदा होते समय हेड मास्टर बलवंत राव पवार की झोली में खुशियों की सौगात देकर जा रहा है। उनकी दो बेटियों का चयन डीएसपी और एक बेटे का चयन स्टेनोग्राफर के रूप में हुआ है। इससे उनके परिवार में खुशियां छा गई है।

शहर से लगे ग्राम लोहरसी में शनिवार को उस समय खुशियों की बहार आ गई, जब बलवंत राव पवार के तीनों बेटे-बेटियों का एक साथ सरकारी नौकरी में चयन हो गया। शुक्रवार को जारी हुई पीएससी-2016 की फाइनल लिस्ट में खुशबू पवार और नेहा पवार को क्रमश: 19 और 20वां रैंक मिला है। उनका चयन डीएसपी रैंक में हुआ है। छोटी बहन नेहा ने भी पहली बार में ही यह परीक्षा उत्तीर्ण कर चयनित हो गई। बेटा शशांक पवार को भी व्यवहार न्यायालय राजनांदगांव में स्टेनोग्राफर के पद पर नियुक्ति के लिए कॉल लेटर मिला है।

खुशबू और नेहा बताती हैं कि वह रोजाना 15 से 16 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने मां-बाप और शिक्षकों को दिया है। खुशबू और नेहा ने कहा कि छोटी उम्र में ही उनका सपना प्रशासनिक अफसर बनने का था। कड़ी मेहनत और सटीम मार्गदर्शन और माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन से सफलता हासिल की है।

मेहनत का मिला फल
उल्लेखनीय है कि खुशबू, नेहा और शशांक के पिता स्वयं हेड मास्टर हैं। वर्तमान में वे आरंग ब्लाक के ग्राम घोरभट्ठी शासकीय प्राथमिक शाला में अपनी सेवा दे रहे हैं। बच्चों की सफलता से हेड मास्टर बलवंत राव पवार फूले नहीं समां रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बच्चों पर गर्व है। उनका कहना है कि तीनों बच्चे शुरू से ही पढ़ाई में तेज रहे हैं। यह उनकी मेहनत का प्रतिफल मिला है।