
बर्खास्त कर्मचारियों को आदेश के बाद भी दिया ज्वाइनिंग, हो रही परेशानी
धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शासन से पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने का अश्वासन मिलने के बाद स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों संघ ने अपना आंदोलन तो खत्म कर दिया है, लेकिन उनकी परेशानी अभी दूर नहीं हुई है। बर्खास्त 287 कर्मचारियों को ज्वाइनिंग नहीं दिया जा रहा है। अधिकारी शासन का आदेश मिलने के कारण हवाला देकर उन्हें लौटा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 1 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर जिलेभर के 4 सौ स्वास्थ्य संयोजक अनिश्चितकाली हड़ताल पर चले गए थे। उन्होंने 45 दिनों तक रायपुर में शासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। इस दौरान स्वास्थ्य केन्द्रों में व्यवस्था चरमरा गई थी। गर्भवती महिलाओं का चेकअप हो रहा था और न ही शिशुओं का टीकाकरण। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होते देख शासन को एस्मा लागू करना पड़ा। नोटिस मिलने के बाद भी काम पर वापस नहीं लौटने वाले कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। 15 सितंबर को पदाधिकारियों ने केबिनेट मंत्री अजय चंद्राकर से मुलाकात कर मांगों को लेकर अपना पक्ष रखा। मंत्री की ओर से सभी मांगों को पूरा करने और आंदोलन के दौरान जारी सभी आदेश को शून्य घोषित करने का आश्वासन मिलने पर उन्होंने हड़ताल समाप्त कर दिया था।
सीएमओ हेल्थ, डॉ डीके तुर्रे ने बताया स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन समाप्त हो गया है। बर्खास्त कर्मचारियों के ज्वाइनिंग के संबंध में शासन से कोई निर्देश नहीं मिला है।
बर्खास्त कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शासन के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। जब मंत्री चंद्राकर ने सभी आदेश को शून्य घोषित कर दिया है, तो ज्वाइनिंग दे देना चाहिए। जबर्दस्ती उन्हें लौटाया जा रहा है, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी हो रही है।
Published on:
19 Sept 2018 11:00 pm
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