
coal mine
(धनबाद): काले कोयले की काली कमाई के चक्कर में शुक्रवार को 3 लोग काल कवलित हो गए। मामला कोयले के अवैध उत्खनन के कारोबार से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि अहले सुबह कोयले के अवैध उत्खनन का कार्य अवैज्ञानिक तरीके से करने के चक्कर में लगभग आधा दर्जन लोग कोयले की खादान में दब गए। वही मौके पर पहुंची पुलिस ने बचाव कार्य चलाते हुए 3 लोगों के शव को बाहर निकाला है।
अवैज्ञानिक तरीके से हो रहा था कोयले का अवैध खनन
प्राप्त जानकारी के अनुसार धनबाद के झरिया थाना क्षेत्र स्थित राजापुर परियोजना का है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह रोज की ही तरह यहाँ अवैध कोयला उत्खनन का कार्य चल रहा था, दर्जनों लोग कोयले के अवैध उत्खनन के कार्य में जुटे थे। तभी अवैज्ञानिक तरीके से की जा रही उत्खनन के दौरान कोयले का चाल भरभरा कर गिर पड़ा। जिसमे आधा दर्जन से अधिक लोग दब गए। घटना के बाद वहां चीख पुकार मच गया। लोगों की भीड़ वहाँ इकट्ठा होने लगी, स्थानीय पुलिस भी सूचना पाकर मौके पर पहुंची। जिसके बाद लगभग 5 घंटो के प्रयास के बाद कोयले में दबे तीन लोंगो के शव को किसी तरह बाहर निकाला जा सका।
इन लोगों ने गंवाई जान, अन्य के दबे होने की आशंका
इस हादसे में मृत लोगों की पहचान चंदा देवी, पंकज कुमार और नागेश्वर महतो के रूप में की गई है। वही स्थानीय लोगों की माने तो इस हादसे में लगभग आधा दर्जन लोग दबे है। लेकिन मृतक के परिजन पुलिसिया कार्रवाई के डर से इस हादसे में अपने के दबे होने की बात स्वीकार करने से बच रहे है।
अवैध खनन रोकने में पिछड़ी पुलिस
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री रघुवर दास ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को साफ हिदायत दी थी कि किसी भी हाल में अवैध उत्खन्न नहीं होना चाहिए। पर इसे रोकने में पुलिस सफल नहीं हो पा रही है। कई छोटे-बड़े बंद पड़े खदानों में अवैध कोयला उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। इन खदानों से हर दिन हजारों टन अवैध कोयला का उत्खनन किया जाता है। इस उत्खनन स्थल पर अक्सर हादसे भी होते है और लोगों की जान चली जाती है, इस हादसे में मरने वाले ज्यादातर लोग गरीब और मजदूर वर्ग के लोग होते है, वहीं अवैध कोयला उत्खन्न करवाने लोग माफिया सफेदपोश होते है, जिनकी पहुंच उपर तक होती है।
Updated on:
09 Nov 2018 06:52 pm
Published on:
09 Nov 2018 03:18 pm
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