दस किलो की साइकिल पर 150 किलो कोयला। इस साइकिल के साथ करीब 60 किलोमीटर का रास्ता। यह दूरी पैदल तय करने के बावजूद कुरथी 29 मार्च को खुश थे। उन्होंने हड़िया पी, पोते-पोतियों के लिए पेप्सी की एक लीटर वाली बोतल खरीदी। उस रात उनके घर में मुर्गा-भात बना। आप जानना चाहेंगे कुरथी के इत्मीनान और बच्चों के इस ट्रीट की वजह। कुरथी ने तीन दिन, दो रात सड़क पर गुजारने के बाद उस दिन रांची के पंडरा में कोयले को बेचा।