शहर के नालों की सफाई के साथ नगर पालिका का अमला मुंजसागर की सफाई में जुट गया है। रविवार से मुंजसागर के ट्रेंचिंग ग्राउंड बन चुके हिस्से की सफाई शुरू की गई, जहां से जेसीबी से गंदगी हटाने का काम शुरू किया गया। बारिश के दिनों में शहर के कई हिस्सों में पानी जमा होने की घटनाएं लोगों को परेशान कर देती हैं, जिससे नपा सहित कई जनप्रतिनिधियों को भी दो-चार होना पड़ता है। मुंजसागर के इस हिस्से में न केवल आस-पास के लोग बल्कि नगर पालिका के कर्मचारी भी बरसों से कचरा डालते आ रहे हैं। इस बार मुंजसागर के गहरीकरण में कलेक्टर की दखलंदाजी के कारण नपा का अमला भी सक्रियता दिखा रहा है, जिसके चलते रविवार से यहां पर सफाई अभियान छेड़ दिया गया।
मानसून पूर्व नालों की सफाई का काम करीब एक पखवाड़े पहले से शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि शहर के प्रमुख चार क्षेत्रों में बरसात का पानी जमा हो जाता है, जिससे कई घरों में तालाब की स्थिति बन जाती है। इन क्षेत्रों में मायापुरी, त्रिमूर्तिनगर, गुलमोहर कॉलोनी तथा जानकीनगर हैं। हालांकि गुलमोहर को छोड़कर शेष सभी स्थानों पर निर्माण की तकनीकी खराबी के कारण पानी भर जाता है, लेकिन गुलमोहर कॉलोनी में नाले का पानी घुस जाता है। नगर पालिका से मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टोरेट व शहर के ऊपरी कॉलोनियों का गंदा पानी उत्कृष्ट सड़क की ड्रेनेज में होता हुआ सेंट टेरेसा तथा एसपीडीए ग्राउंड के पास बने नाले में मिलता है। इधर मुंजसागर में नौनाथ मंदिर के पास से जेसीबी व ट्रैक्टर द्वारा मलबा व गंदगी उठाने का काम शुरू कर दिया गया है।
एसपीडीए ग्राउंड नाले से पानी गुलमोहर कॉलोनी होता हुआ इमलीबन से बाहर हो जाता है, जो आगे जाकर लैंडिया तालाब में मिलता है। बारिश के दिनों में तेज प्रवाह से आने वाले पानी में जरा-सी भी रुकावट आने पर पानी आस-पास की कॉलोनियों को अपना निशाना बनाता है। नाले की सबसे खराब स्थिति हमेशा गुलमाहर कॉलोनी के आस-पास होती है। बताया जा रहा है जागरूकता नहीं होने के कारण यहां के लोग कचरा और गंदगी इसी नाले में फेंक देते हैं। हालांकि इस बार नागदा- गुजरी मार्ग निर्माण में मांडू रोड पर कुम्हार गड्ढा क्षेत्र के पास के नाले के नवनिर्माण व नपा द्वारा नाला सफाई के सघन अभियान के चलते इस प्रकार के हालात बनने से इंकार किया जा रहा है। शहर में दर्जनभर नाले हैं, जिनमें सबसे बड़ा नाला गुलमोहर कॉलोनी होते हुए निकलता है।