
toll point
सर्वज्ञ पुरोहित
धार. इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल टैक्स ज्यादा वसूला जा रहा है, जिससे बस मालिक परेशान है। इंदौर नावदापंथ से लेकर धार तक के मार्ग पर कई तकनीकी खामियां हैं । इसके अलावा पुल और पुलिया की साइड ठीक से दबाई नहीं गई, जिसके चलते यहां पर चार पहिया वाहन, बस और ट्रक हिचकोले खाती है। बस ड्राइवरों और कंडक्टरों का कहना है कि इंदौर से धार तक के मार्ग 40 से अधिक जंप आते है, जिसके चलते पूरी बस बबलिंग करती है। तकनीकी खामियों के बावजूद इस मार्ग पर इतना ज्यादा टोल वसूला जा रहा है। हमें लगता है पूरे प्रदेश में मेतवाड़ा का टोल सबसे ज्यादा टैक्स वसूल रहा है। एक फेरा ( इंदौर से धार, धार से इंदौर) जाने के लिए बस को 585रुपए देना पड़ रहे हैं। इसके अलावा चार पहिया वाहन का सिंगल फेरा टैक्स 120 रुपए और रिटर्न का 180 रु., लाइट कमर्शियल व्हीकल का टैक्स सिंगल फेरा 190 रु. और रिटर्न टैक्स 285 रु.लिए जा रहे हैं।
पुल-पुलियों की साइड नहीं दबाई
इंदौर से धार के बीच करीब १४ छोटी-बड़ी पुलिया हैं। इनके दोनों ओर किसी भी प्रकार की साइड को दबाया नहीं गया है। मार्ग पर कहीं मुरम दबने के चलते यहां पर गाडिय़ां हिचकाले खाती हैं। इधर बस मालिकों का कहना है कि टोल टैक्स इतना वसूला जा रहा है जिसके चलते हमारे बजट पर असर देखने को मिल रहा है। इधर पाट्र्स भी काफी महंगे हैं। वहीं टोल टैक्स के अधिकारी का कहना है कि जो एग्रीमेंट के हिसाब से टैक्स ले रहे हंै। उल्लेखनीय है कि रविवार को रात 12 बजे से घाटाबिल्लौद स्थित मेतवाड़ा में टोल टैक्स शुरू हुआ है। सोमवार को भी यहां से निकलने वाले चार पहिया, ट्रक और सवारी बसों को टोल चुकाना पड़ा।
बोर्ड में लिखा एनएच-47 : इंदौर-अहदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर एनएच-47 से बोर्ड लगाए गए है, लेकिन टोल टैक्स से जो रसीद दी जा रही है उस पर अभी एनएच-59 ही लिखा हुआ है। टैक्स की रसीद और मार्ग पर बोर्ड लगा होने से दुविधा भी नजर आ रही है। वहीं बोर्ड पर एनएच-47 लिखना और रसीद पर एनएच-59 लिखना समझ से परे है। इस मामले अधिकारियों का कहना है कि अभी अधिसूचना जारी नहीं हुई है जिसके चलते टैक्स की रसीद पर एनएच-59 आ रहा है।
दरों में संशोधन के लिए कमिश्नर को किया मेल
मेतवाड़ा स्थित टोल टैक्स की दरों में संशोधन के लिए गुरुवार को दिगंबर जैन समाज के सदस्य ने कमिश्नर को शिकायत मेल की है। वहीं कलेक्टर कार्यालय में भी यह शिकायती पत्र भेजा। पत्र में बताया कि इंदौर से धार का किराया मात्र ६० से ७० रुपए है किंतु कार/डीर/वैन का एक तरफ का टोल टैक्स १२० रुपए रखा गया है। यानी कि इंदौर से धार एवं धार से इंदौर आने-जाने में २४० रुपए एक वाहन को भुगतान करना होगा। ये दरें अन्य स्थानों की अपेक्षा अत्यधिक है जबकि धार से इंदौर मात्र ६० किलोमीटर की दूरी है। जनता रोड टैक्स अलग से भुगतान कर रही है। ऐसी स्थिति में इतने अधिक टोल टैक्स की दरे अनुचित हैं, उसमें संशोधन किया जाकर एक तरह का टोल टैक्स अधिकतम ४५ रुपए रखा जाना चाहिए।
मेंटनेस करते हंै इंजीनियर
&मुझे नहीं लगाता है की मार्ग पर तकनीकी खामियां है। कंपनी के इंजीनियर मेंटनेस करते हैं। ऐसे में उन्हें पता है कि किस मार्ग में गड्ढे हो रहे हैं। -राजेश पांडे, डीजीएम, इंदौर-गुजरात टोल्वेज
Published on:
06 Dec 2018 11:54 pm
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