
विचार मंथन : संतोष प्राप्ति में नहीं, बल्कि प्रयास में होता है, पूरा प्रयास ही पूर्ण विजय है- इन्दिरा गांधी
अपने आप को खोजने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपने आप को दूसरों की सेवा और समर्पण में खो दें । आपको आराम के समय किर्याशील रहना चाहिए और गतिविधि के समय स्थिर रहना सीख लेना चाहिए । इच्छा के बिना प्यार बिलकुल भी संभव नहीं है । उन मंत्रियों से सावधान रहना चाहिए, जो बिना पैसों के कुछ नहीं कर सकते और उनसे भी, जो पैसे लेकर कुछ भी करने की इच्छा रखते हैं । एक देश की ताकत अंततः इस बात में निहित है, कि वो खुद क्या कर सकता है, इसमें नहीं कि वो औरों से क्या उधार ले सकता है । कभी भी किसी दीवार को तब तक ना गिराओ, जब तक आपको ये पता ना हो कि यह किस काम के लिए खड़ी की गई थी ।
अगर मैं इस देश की सेवा करते हुए मर भी जाऊ तो मुझे मेरे मरने पर गर्व होगा । मेरे खून की हर एक बूँद इस राष्ट्र के विकास में और इस देश को गतिशील और मजबूत बनाने में योगदान करेगी । अगर मैं एक हिंसक मौत मरती हूँ, जैसा कि कुछ लोग डर रहे हैं और कुछ षड़यंत्र कर रहे हैं, तो मुझे पता है कि हिंसा, हत्यारों के विचार और कर्म में होगी, मेरे मरने में नहीं । यह कभी मत भूलों कि जब हम चुप हैं, तो हम एक हैं और जब हम बात करते हैं तो हम दो हैं । कुछ करने में ही पूर्वाग्रह है- चलिए अभी कुछ होते हुए देखते हैं आप उस बड़ी योजना को छोटे -छोटे चरणों में बाँट सकते हैं और पहला कदम तुरंत ही उठा सकते हैं । क्रोध कभी बिना तर्क के नहीं होता लेकिन कभी-कभार ही एक अच्छे तर्क के साथ होता है ।
जब मैं सुर्यास्त पर आश्चर्य या चाँद की खुबसूरती की प्रशंसा कर रही होती हूँ, उस समय मेरी आत्मा इन्हें बनाने वाले की पूजा कर रही होती है । देशों के बीच की शांति, व्यक्तियों के बीच प्यार की ठोस बुनियाद पर टिकी होती है । प्रश्न पूछने का अधिकार ही मनुष्य की प्रगति का मुख्य आधार है । संसार में दो प्रकार के लोग होते है । पहले वो जो काम करते हैं और दुसरे वो जो बैठे-बैठे सब कुछ प्राप्त करना चाहते है । इसलिए हमेशा पहले प्रकार के लोगों की तरह रहने की कोशिश करनी चाहिए क्योकि वहां बहुत कम प्रतिस्पर्धा है । संतोष प्राप्ति में नहीं, बल्कि प्रयास में होता है, पूरा प्रयास ही पूर्ण विजय है । लोग अपने कर्तव्यो को तो भूल जाते है परन्तु अधिकारों को हमेशा याद रखते है ।
Published on:
19 Nov 2018 03:07 pm
