10 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अकाल मृत्यु से बचा सकता है एक दीपक, इस दिन पुराने दीपक में जलाएं दीया

धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरी और कुबरे की पूजा की जाती है।
2 min read
Google source verification
yam_deepak.jpg

इस साल 25 अक्टूबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरी और कुबरे की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि इस दिन पूजा करने से यम द्वारा दी गई यातनाओं से मुक्ति मिल जाती है।

दरअसल, धनतेरस की रात यम का दीया जलाया जाता है। माना जाता है धनतेरस की रात यम का दीया जलाने से अकाल मृत्यु से बचा जा सकता है। ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि इस दिन यम का दीया कैसे जलाना चाहिए?

धनतेरस को सबसे शुभ और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

धनतेरस के दिन घर में यम का दीया जलाया जाता है।

यम का दीया जलाने के लिए पुराने दीपक का इस्तेमाल करना चाहिए है।

पुराने दीपक में सरसों का तेल और रूई की बाती डालें।

जब घर के सभी लोग सो जाएं तो इसे जलाकर दक्षिण दिशा की तरफ रख दें।

कोशिश करें कि इस दीये को नाली या कूड़े के ढेर के पास रखें।

दीये रखने के बाद उस दीपक को बिना देखे वापस घर में आ जाएं।

नहीं रहेगा अकाल मृत्यु का डर

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन यम का दीया जलाने से अकाल मृत्यु का डर नहीं रहता है। कहा जाता है कि धनतेरस के दिन यम का दीया जलाने से यमराज खुश हो जाते हैं और इस दीये के कारण यम की यातनाएं भी कम हो जाती है। ऐसे में इस दिन सभी को यम का दीया जरूर जलाना चाहिए।