
हर काम को पूरा करने की अद्भुत ताकत हैं इन गणेश मंत्रों में
गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक करें इन सिद्ध गणेश मंत्रों की साधना, होगी जीवन की मनोकामनाएं पूरी । इन मंत्रों का जप प्रात:काल 251 या 1100 बार तुलसी या चंदन की माला से एकाग्रता पूर्वक करना हैं ।
1- शास्त्रों में उल्लेख आता हैं कि गौरी नंदन विघ्नहर्ता श्री गणेश जी का यह सिद्ध मंत्र इतना चमत्कारिक और तत्काल फल देने वाला हैं जिसका श्रद्धापूर्वक जप करने से सभी समस्याओं का समाधान होने के साथ सुख समृद्धी की प्राप्ति होती है ।
।। ॐ गं गणपतये नमः ।।
3- तांत्रिक क्रिया की बाधा को नष्ट करने के लिए, विविध कामनाओं कि शीघ्र पूर्ति के लिए उच्छिष्ट गणपति कि साधना कि जाती हैं ।
।। ॐ वक्रतुंडाय हुम् ।।
3- आलस्य, निराशा, कलह, विघ्न दूर करने के लिए विघ्नराज रूप के इस मंत्र का जप करें ।
।। ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा ।।
4- समस्त विघ्न दूर होकर धन, आध्यात्मिक चेतना के विकास एवं आत्मबल की प्राप्ति के लिए हेरम्बं गणपति के इस मंत्र को जपे ।
।। ॐ गं क्षिप्रप्रसादनाय नम: ।।
5- इस मंत्र के जप से रोजगार की प्राप्ति व आर्थिक समृध्दि प्राप्त होकर सुख सौभाग्य प्राप्त होता हैं ।
।। ॐ गूं नम: ।।
6- लक्ष्मी प्राप्ति एवं व्यवसाय बाधाएं दूर करने के लिए यह मंत्र सबसे अधिक उत्तम मान गया हैं ।
।। ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गण्पत्ये वर वरदे नमः ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात ।।
7- इस मंत्र के जप से समस्त प्रकार के विघ्नों एवं संकटों का नाश हो जाता हैं ।
।। ॐ गीः गूं गणपतये नमः स्वाहा ।।
8- विवाह में आने वाले दोषों को दूर करने के लिे त्रैलोक्य मोहन गणेश मंत्र का जप करने से शीघ्र विवाह व अनुकूल जीवनसाथी की प्राप्ति होती है ।
।। ॐ श्री गं सौभाग्य गणपत्ये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा ।।
9- इस मंत्रों के जप के साथ श्री गणेश चालीसा का पाठ करने से यह मंत्र शीघ्र सिद्ध हो जाता हैं सभी मनोकामनाएं गणेश जी की कृपा से पूरी हो जाती है ।
ॐ वक्रतुण्डेक द्रष्टाय क्लींहीं श्रीं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मं दशमानय स्वाहा ।
Published on:
11 Sep 2018, 3:57 PM IST
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