7 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुप्त नवरात्रि में इस उपाय से प्रसन्न हो- मां दुर्गा लक्ष्मी रुप में करेगी धन वर्षा

गुप्त नवरात्रि में इस उपाय से प्रसन्न हो- मां दुर्गा लक्ष्मी रुप में करेगी धन वर्षा
2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Shyam Kishor

Feb 05, 2019

gupt navratri

गुप्त नवरात्रि में इस उपाय से प्रसन्न हो- मां दुर्गा लक्ष्मी रुप में करेगी धन वर्षा

नवरात्रि काल माँ दुर्गा को अत्यंत प्रिय हैं, लेकिन नवरात्रियों में भी गुप्त नवरात्र कष्टों के निवारण के लिए, धन प्राप्ति के लिए एवं साधना की उच्चतम स्थिति को प्राप्त करने के लिए उच्च मानी जाती हैं । ऐसा माना जाता है कि गुप्त नवरात्र में किये गए सात्विक उपाय अथि शीघ्र फलदायी हो जाते है । सभी मनोकामनाएँ पूर्ण हो जाती हैं । इस गुप्त नवरात्रि में पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास के साथ इन सरल परंतु शक्तिशाली उपायों में से किसी एक के करने से जीवन में सुखो की वृद्धि होने के साथ मां दुर्गा लक्ष्मी रुप में धन वर्षा करती हैं ।

1- गु्प्त नवरात्र में माता दुर्गाजी को शहद को भोग लगाने से भक्तो को सुंदर रूप प्राप्त होता है व्यक्तित्व में तेज प्रकट होता है।
2- गुप्त नवरात्री में माँ दुर्गा की आराधना “लाल रंग के कम्बल” के आसन पर बैठकर करना अति उत्तम माना गया है । इससे सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।


3- गुप्त नवरात्र में स्थाई लक्ष्मी प्राप्ति के लिए नित्य पान में गुलाब की 7 पंखुरियां रखकर तथा मां दुर्गा को अर्पित करें ।
4- इस मंत्र का जप करने से सदैव मंगल ही मंगल होता हैं- ऊँ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके । शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुते ।।


5- गुप्त नवरात्र में पड़ने वाले सोमवार और शनिवार के दिन शिवलिंग पर काले तिल और गंगाजल चढ़ाएं ऐसा करने से अनेक बीमारियों से मुक्ति मिल जाती है ।
6- इस मंत्र का जप करने से मां दुर्गा शत्रुओं से रक्षा करती है- ऊँ जयन्ती मङ्गलाकाली भद्रकाली कपालिनी । दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते ।।


7- गुप्त नवरात्रि काल में प्रात:काल श्रीरामरक्षा स्तोत्र का पाठ करने से हर कार्य सफल होते है, कार्यों के मार्ग में आने वाली समस्त विघ्न बाधाएं शांत होती हैं ।

8- नवरात्रि में पूजा के समय प्रतिदिन माता को शहद एवं इत्र चड़ाने से मां की आप पर सदैव कृपा द्रष्टि बनी रहेगी ।