
इस मंदिर में हर रोज होता है चमत्कार, घी-तेल नहीं पानी से जल उठते हैं दीये
कहा जाता हैं कि ईश्वर की चेतना सृष्टि के कण-कण में व्याप्त हैं, ईश्वर में श्रद्धा विश्वास रखने वाले साधक, ऋषि मुनि, तपस्वी, ज्ञानी पंडित भी आस्था से जुडे ऐसे कई प्रकार के चमत्कारों के बारे में कहते रहते हैं जिसे सुनकर या देखकर नास्तिक लोग भी ईश्वर में विश्वास करने लगते हैं । देव भूमि भारत में ऐसे अनेक तीर्थ स्थल एवं मंदिर हैं जहां कई प्रकार के चमत्कारों से अनेक लोग रूबरू होते रहते हैं । ऐसे चमत्कारों से जूड़े मंदिरों में से एक मंदिर मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में भी हैं, जिसके बारे जानकर आपका विश्वास और श्रद्धा ईश्वर के प्रति और बढ़ जाएगी ।
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में नलखेड़ा गांव के पास कालीसिंध नदी बहती हैं और इसी नदी के किनारे पर गडिय़ाघाट वाली माताजी का प्राचीन मंदिर हैं । इस मंदिर की खास बात यह हैं कि यहां पिछले 10 सालों से एक ऐसा दीपक जल रहा हैं जो तेल घी नहीं बल्कि पानी से जलता हैं, मंदिर के पुजारी पंडित सुरेश व्यास ने बताया कि यह केवल देवी मां का चमत्कार ही है, यह दीपक घी-तेल, या अन्य किसी ईंधन से नहीं बल्कि सिर्फ पानी से ही जलता है ।
सबसे बड़ी दिलचस्प बात यह कि पानी से जलने वाले इस चमत्कारी दीपक में कालीसिंध नदी का पानी ही डाला जाता है, मंदिर के पुजारी पंडित सुरेश व्यास कहते हैं कि गर्मी के समय में जब कालीसिध नही पूरी तरह सुख जाती तब भी मंदिर के किनारे नदी में एक छोटे से गढ्डे (झीरी) का पानी कभी नहीं सुखता उसी पानी से यह दीपक जलता हैं, जब इस पानी को दीपक में डाला जाता है तो वह चिपचिपा तरल हो जाता है, जिससे दीपक जलने लगता है ।
मंदिर में होने वाले इस चमत्कार को देखने के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं, जब वे अपनी आंखों से पानी से जलने वाले दीपक का चमत्कार देखते हैं, तो उनका मंदिर व गड़ियाघाट वाली देवी माता के प्रति आस्था और विश्वास बढ़ जाता है ।
Published on:
23 Jun 2018 01:37 pm
