6 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Kurukshetra War: कुरुक्षेत्र में ही क्यों हुआ महाभारत का युद्ध, जानिए क्या थी इसके पीछे की वजह

Kurukshetra War: महाभारत का युद्ध केवल दो पक्षों के बीच संघर्ष नहीं था। बल्कि अधर्म पर धर्म की लड़ाई थी। जिसे धर्मक्षेत्र में ही होना उचित समझा गया।
less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

•

image

Sachin Kumar

•

Dec 04, 2024

Kurukshetra War

Kurukshetra War

Kurukshetra War: महाभारत का युद्ध भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा युद्ध माना जाता है। यह युद्ध कौरव और पांडवों के बीच लड़ा गया। मान्यता है कुरुक्षेत्र की भूमि आज भी लाल दिखाई पड़ती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि महाभारत की लड़ाई कुरुक्षेत्र में ही क्यों लड़ी गई। आइए जानते हैं इसका रहस्य।

धार्मिक महत्व

धार्मिक कथाओं के अनुसार कुरुक्षेत्र को धर्मक्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थान वेदों और पुराणों में पवित्र भूमि के रूप में वर्णित है। मान्यता है कि यहाँ पर भगवान ब्रह्मा ने पवित्र यज्ञ किया था और कई अन्य ऋषियों ने तपस्थली भी रही है। इस क्षेत्र को धर्म और सत्य का प्रतीक माना जाता था। इसलिए यह स्थान धर्मयुद्ध के लिए उचित माना गया। यही वजह है कि महाभारत युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र चुना गया।

कुरु वंश से संबंध

मान्यता है कि कुरुक्षेत्र का संबंध कुरु वंश से था। जो पांडवों और कौरवों के पूर्वज थे। यह क्षेत्र उस दौरान कुरु वंश की राजधानी के पास स्थित था। दोनों पक्ष कुरु वंश के थे। यह स्थान तटस्थ और उनके साम्राज्य के मध्य में था।

राजनीतिक विचार

माना जाता है कि कुरुक्षेत्र किसी एक पक्ष की राजधानी नहीं थी। इसलिए इसे युद्ध के लिए सही क्षेत्र माना गया। क्योंकि इस पर किसी एक का अधिकार न होने की वजह से दोनों पक्षों ने इसे निष्पक्ष युद्धभूमि मानकर स्वीकार किया था।

यह भी पढ़ें - नए साल 2025 में भारत का पहला सूर्य ग्रहण, जानिए तिथि और समय के साथ पूरी जानकारी