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पुरुष कलाकार देते हैं महिला किरदारों की प्रस्तुति, देश विदेश में कई स्थानों पर कर चुके हैं अपनी कला का प्रदर्शन

लालघाटी के गुफा मंदिर में इन दिनों श्रीराम महायज्ञ के साथ-साथ शाम के रात्रि के सत्र में रासलीला का आयोजन

भोपालJun 15, 2024 / 11:08 am

प्रवीण सावरकर

भोपाल. बदलते वक्त के साथ अब रासलीला, रामलीला के स्वरूप में भी बदलाव हो रहा है। एक वक्त था जब सारी रात इनके मंचन हुआ करते थे, लेकिन अब लोगों के पास समय की कमी है। ऐसे में छोटे छोटे संगीतमय प्रसंगों के माध्यम से कम वक्त में लीलाओं का प्रदर्शन किया जाता है। इसके साथ ही लोगों से जुड़ाव के लिए अब एक अलग से सोशल मीडिया टीम भी सक्रिय रहती है, जो सोशल साइट्स पर इसका लाइव प्रसारण करती है, साथ ही यू-टूब चैनल के माध्यम से भी लोगों को जोड़ा जा रहा है।
शहर के लालघाटी के गुफा मंदिर में इन दिनों श्रीराम महायज्ञ के साथ-साथ शाम के रात्रि के सत्र में रासलीला का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें वृंदावन की निकुंज बिहारी रासलीला मंडल के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं पर आधारित यह प्रस्तुति हो रही है। इसके साथ ही मयूर नृत्य की प्रस्तुति लोगों को खास आकर्षित कर रही है। रासलीला देखने के लिए यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही है।
पहले रास फिर लीला, 80 साल से चल रही मंडली, कई राष्ट्रीय पुरस्कार

इस मंडली के प्रमुख कुंज बिहारी शर्मा ने बताया कि हमारी मंडली लगभग 80 सालों से चल रही है। इसमें रासलीला, रामलीला की प्रस्तुति दी जाती है। दुनिया के दस से अधिक देशों में हम प्रस्तुति दे चुके हैं। राष्ट्रपति शंकरदयाल शर्मा द्वारा भी मंडल को पुरस्कृत किया गया था। साथ ही आठ स्थानों पर भारतीय संस्कृति के प्रचार के लिए 1983, 86 और 94 में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। फ्रांस, जिनेवा, लंदन, सिंगापुर, चाइना सहित 10 से अधिक देशों में प्रस्तुति दे चुके हैं। इसमें पहले रास अर्थात रसखान, सूरदास, हरिदास के पदों पर शास्त्रीय संगीत के साथ प्रस्तुति देते हैं। इसके बाद भगवान कृष्ण की अलग-अलग लीलाओं की प्रस्तुति होती है। समय के साथ इसमें बदलाव किया है पहले रात में छह से आठ घंटों तक कार्यक्रम चलते थे, अब इसे दो से तीन घंटे में कर दिया है।
भगवान की भक्ति में रमकर देते है प्रस्तुति

इस रासलीला मंडल में कुल 22 कलाकार है, जो सभी पुरुष है और महिला किरदार भी निभाते हैं। जिसमें 13 साल से 55 साल तक के कलाकार शामिल है। कलाकारों का कहना है कि हम खुद को पात्र नहीं मानते बल्कि भगवान की भक्ति में रमकर खुद को उनमें ढाल लेते हैं। इसमें भगवान कृष्ण के बाल लीला की प्रस्तुति 14 वर्षीय पुंडरिक शर्मा देते हैं तो अन्य लीलाओं की प्रस्तुति अनुज शर्मा देते है। इसी प्रकार राधा का किरदार विष्णु शर्मा निभाते हैं। ये सभी कलाकार पढ़ाई भी कर रहे हैं, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने प्रस्तुतियां देते हैं।
सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण

इस रासलीला के लिए अलग से एक सोशल मीडिया टीम बनाई गई है, जिसमें 3-4 सदस्य है, जो कैमरे के साथ इसका लाइव प्रसारण सोशल मीडया और मंडल के यू-ट्यूब चैनल स्वामी श्रीराम शर्मा पर करते हैं। इस चैनल पर आयोजनों के कई वीडियो है, साथ ही लाइव प्रसारण भी किया जाता है।

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