14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नुक्कड़ नाटक से सोशल मीडिया के प्रति किया जागरूक

. जिन कुशल सूरी जैन दादावाड़ी ट्रस्ट, बसवनगुडी के तत्वावधान में विराजित मुनि मलयप्रभसागर आदि ठाणा और साध्वी हर्षपूर्णाश्री के सान्निध्य और मार्गदर्शन में सोशल मीडिया एक भ्रमजाल नामक नुक्कड़ नाटक का मंचन कर युवाओं को जागरूक किया गया। लडकोंं और लड़कियों ने जीवंत दृश्यों के माध्यम से सोशल मीडिया की उलझनों और उसके दुष्परिणामों […]

less than 1 minute read
Google source verification

. जिन कुशल सूरी जैन दादावाड़ी ट्रस्ट, बसवनगुडी के तत्वावधान में विराजित मुनि मलयप्रभसागर आदि ठाणा और साध्वी हर्षपूर्णाश्री के सान्निध्य और मार्गदर्शन में सोशल मीडिया एक भ्रमजाल नामक नुक्कड़ नाटक का मंचन कर युवाओं को जागरूक किया गया। लडकोंं और लड़कियों ने जीवंत दृश्यों के माध्यम से सोशल मीडिया की उलझनों और उसके दुष्परिणामों के बारे में बताया।मुनि मलयप्रभ सागर ने कहा कि युवा पीढ़ी का बहुत ही कीमती समय रील्स बनाने और उसे देखने में व्यतीत हो रहा है। हमें सोशल मीडिया से धर्म की प्रचार सामग्री और हमारे काम आने वाले महत्वपूर्ण जानकारियां तो लेनी चाहिए, लेकिन व्यर्थ में इसके पीछे पूरे दिन समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। सोशल मीडिया के कई दुष्प्रभाव हैं, जिनमें लत, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं, गलत सूचना का प्रसार, और गोपनीयता का खतरा, सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से चिंता, अवसाद, और अकेलेपन की भावना बढ़ सकती है। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर लगातार दूसरों से अपनी तुलना करने से आत्म-सम्मान में कमी आ सकती है। इसके अधिक उपयोग से नींद की समस्या, आंखों में थकान, और शारीरिक गतिविधि में कमी हो सकती है। सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने से वास्तविक दुनिया में लोगों से कम मिलना - जुलना हो सकता है, जिससे सामाजिक संबंध कमजोर हो सकते हैं। सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से समय की बर्बादी, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, और रचनात्मकता में कमी आ सकती है। नुक्कड़ नाटक की पटकथा और कार्यक्रम में तनिष्क सांखला, स्वाति गुलेच्छा आदि का सहयोग रहा।


बड़ी खबरें

View All

धर्म-कर्म

धर्म/ज्योतिष

ट्रेंडिंग