21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अपने जेवर बेचकर दिव्यांग महिला ने बदल दी बस्ती की तस्वीर

दिव्यांग शारदा को स्वच्छता का नारा इस कदर भाया कि उसने गरीबी की हालत में अपने जेवर बेचकर व रिश्तेदारों से कर्ज लेकर सबसे पहले शौचालय बनवाकर एक मिसाल कायम की।

2 min read
Google source verification

image

aniket soni

Sep 15, 2016

दिव्यांग शारदा को स्वच्छता का नारा इस कदर भाया कि उसने गरीबी की हालत में अपने जेवर बेचकर व रिश्तेदारों से कर्ज लेकर सबसे पहले शौचालय बनवाकर एक मिसाल कायम की। एक दिव्यांग महिला की ओर से स्वच्छता की इस पहल ने पूरी जाटव बस्ती की तस्वीर बदलकर रख दी।

राजाखेड़ा क्षेत्र के गांव मछरिया में स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिशन की टीम व सरपंच ने ग्रामीणों को घर-घर शौचालय बनवाने को प्रेरित किया। गंदगी से होने वाली बीमारियों आदि के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी। इसके बाद भी लोगों ने इस तरफ खास ध्यान नहीं दिया।

हालांकि गांव की जाटव बस्ती की दिव्यांग शारदा जाटव इससे खासी प्रेरित हुई। खुद बचपन में बीमारी से दिव्यांग होने के कारण उसे अपने बच्चों की चिंता सताने लगी। इसके बाद उसने शौचालय बनाने की ठान ली। पति मजदूरी कर घर चलाता है। ऐसे में गरीब शारदा को शौचालय बनवाने के लिए राशि एकत्रित करनी पड़ी।

शारदा ने पत्रिका को बताया कि उसने अपनी चांदी की करौंधनी बेची और कुछ राशि रिश्तेदारों से उधार लेकर शौचालय निर्माण कराया। इसके बाद सरपंच व स्वच्छ भारत मिशन की टीम में भी उत्साह जागा और उन्होंने गांव में बैठकों व समझाइश का दौर शुरू किया।

टीम ने ग्रामीणों को दिव्यांग शारदा की ओर से किए कार्यों से अवगत कराया। इसके बाद ग्रामीणों में भी शौचालय निर्माण की अलख जागी।

रंग लाई दिव्यांग की पहल

दिव्यांग शारदा की पहल ऐसा रंग लाई की देखते ही देखते बस्ती में तेजी से शौचालयों का निर्माण होने लगा। इस दौरान शारदा भी लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए शौचालय बनाने को कहने लगी और कुछ माह में ही पूरी बस्ती में शौचालय बन गए।

मनोज परमार जिला परियोजना समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन धौलपुर ने बताया कि गांव की जाटव बस्ती में टीम की ओर से प्रेरित करने के बाद एक दिव्यांग महिला ने सबसे पहले शौचालय निर्माण की शुरुआत की। उसने अपने जेवर बेचकर व कर्ज लेकर शौचालय निर्माण कराया। वहीं अन्य ग्रामीणों में भी स्वच्छता की अलख जगाई है।

नरोत्तम दत्त सरपंच मछरिया राजाखेड़ा ने बताया कि शारदा ने दिव्यांग होने के बाद भी स्वच्छता की जो अलख जगाई है, उससे पूरे गांव की तस्वीर बदल गई है। इससे पहले उन्हें शौचालय निर्माण में दिक्कत आ रही थी।

प्रमोद शर्मा ओडीएफ प्रभारी राजाखेड़ा ने बताया कि एक महिला ने बस्ती की तस्वीर ही बदल दी। खुद ने शौचालय बनाया और इसके बाद बस्ती के लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया।

ये भी पढ़ें

image