धौलपुर

एक सुई से गोदते हैं सैकड़ों नाम, एचआईवी संक्रमित भी हो चुके हैं लोग, एआरटी सेंटर पर 15 केस

धौलपुर. मेले भारत की पहचान हैं। छोटे से लेकर बड़े मेले अलग-अलग क्षेत्रों में लगते हैं। इन दिनों मेलों का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में हाथ पर नाम लिखवाने या अन्य चित्र बनवाने के शौकीन लोगों को जानकारी न होना उनके लिए बाद में भारी पड़ जाता है।

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एक सुई से गोदते हैं सैकड़ों नाम, एचआईवी संक्रमित भी हो चुके हैं लोग, एआरटी सेंटर पर 15 केस

धौलपुर. मेले भारत की पहचान हैं। छोटे से लेकर बड़े मेले अलग-अलग क्षेत्रों में लगते हैं। इन दिनों मेलों का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में हाथ पर नाम लिखवाने या अन्य चित्र बनवाने के शौकीन लोगों को जानकारी न होना उनके लिए बाद में भारी पड़ जाता है। बिना किसी जांच पड़ताल के टैटू बनवाना असुरक्षित साबित हो सकता है और शरीर में संक्रमण फैल सकता है। मेलों में एक छोटी सी मशीन से हाथ पर नाम गोदने और टैटू बनवाने का युवाओं में खासा शौक है। हाथ पर नाम गोदने वाला युवक एक ही सुई का उपयोग करके सभी के हाथ पर नाम लिखता है। जिससे संक्रमण व बीमारियों फैलने की आशंका बनी रहती है। इससे एचआईवी जैसे रोग के भी लोग शिकार हो चुके हैं। जिला अस्पताल में एआरटी सेंटर पर करीब 15 ऐसे लोग हैं जिन्होंने शौक-शौक में टैटू या नाम खुदवा लिया और बाद में वह संक्रमित हो गए।

जिले डांग क्षेत्र में बाबू महाराज का मेला शुरू हो गया है। अगले कुछ में शहर में देवछठ का मेला आयोजित होगा। इन मेलों में दुकानें सजने लगी हैं। आसपास से बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचते है। जो सामान की खरीददारी भी करते है। वहीं हाथ में टैटू के शौकीन लोग मेले में हाथ व शरीर में नाम गुदवा लेते हंै। लेकिन उनको इसकी जानकारी नहीं होती है। कि इससे कई बीमारी फैलती है। इसका कारण ये एक ही मशीन व एक ही सुई से सभी के हाथ में नाम गोदते रहते हैं। ऐसे में संक्रमण बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। ये छोटी सी मशीन और एक स्याही और एक सुई से मेले में आए लोगों के हाथ में खूब नाम लिखते हैं। ऐसे में ग्राहक भी इनसे सुई के बारे में पूछताछ नहीं करते हैं। बाद में ये संक्रमण बीमारी की चपेट में आ जाते।

सुई से एचआईवी से हुए संक्रमित

जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर पर वर्तमान में एक ही सुई से कई लोगों इस्तेमाल करने के यहां पर कई मामले हैं। सेंटर पर ऐसे करीब 15 से अधिक मरीज हैं। जो संक्रमित सुई से एचआईवी से संक्रमित हो गए। इन्हें बाद में जांच कराने पर इसकी जानकारी हुई। इनका अब जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

ये हो सकती है परेशानी

- टैटू गुदवाने वाला व्यक्ति कभी रक्तदान नहीं कर सकता

- त्वचा संक्रमण के साथ रक्त संबंधी बीमारियों की आशंका- एड्स व हैपेटाइटिस का खतरा

- टैटू वाली जगह पर त्वचा की कोशिकाएं हमेशा के लिए मृत हो जाती- टैटू होने पर सेना व कई नौकरियों में अयोग्य

- मेले व बाजार में सडक़ किनारे हाथ गोदने की दुकान खोलकर लोगों के नाम लिखते हैं। इससे शरीर में संक्रमण फैलने का डर रहता है। ये एक ही सुई व मशीन से सभी के नाम लिखते रहते है। ये गलत है। लोगों को इससे बचना चाहिए।- डॉ.समरवीर सिंह सिकरवार, पीएमओ धौलपुर।

Published on:
18 Sept 2023 07:30 pm
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