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चन्द्र ग्रहण और भद्रा के साए में बिखरेंगे इस बार होली के रंग

– होलिका दहन वाले दिन भद्रा तो होली वाले दिन चन्द्र ग्रहण का संयोग – भद्रा के कारण शाम 5 बजकर 56 मिनट से पहले होगा होलिका दहन – दो मार्च को होगा होलिका दहन तो तीन को खिलेगी होली धौलपुर. चन्द्र ग्रहण और भद्रा के साए में इस बार होली के रंग बिखरेंगे। दरअसल […]

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- होलिका दहन वाले दिन भद्रा तो होली वाले दिन चन्द्र ग्रहण का संयोग

- भद्रा के कारण शाम 5 बजकर 56 मिनट से पहले होगा होलिका दहन

- दो मार्च को होगा होलिका दहन तो तीन को खिलेगी होली

धौलपुर. चन्द्र ग्रहण और भद्रा के साए में इस बार होली के रंग बिखरेंगे। दरअसल होलिका दहन वाले दिन 2 मार्च को भद्रा तो 3 मार्च होली वाले दिन साल का पहला ग्रहण यानी चन्द्र ग्रहण दिखाई देगा। जो होली के रंगों को फीका कर सकता है। ग्रहण के कारण शाम 6.47 तक सूतकाल का समय रहेगा। भद्रा के कारण होलिका दहन शाम 5 बजकर 56 मिनट से पहले किया जाएगा।

रंग, प्रेम, उल्लास और खुशियों का त्योहार होली 3 मार्च को मनाया जाएगा, लेकिन उससे एक दिन पहले यानी फाल्गुन माह की पूर्णिमा को भद्रा तो होली वाले दिन चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो भारत में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। इसका प्रभाव देश-दुनिया से लेकर व्यक्ति के निजी जीवन तक में भी नजर आता है। चन्द्र ग्रहण दोपहर ३ बजकर २० मिनट से प्रारंभ होगा, जो कि 6 बजकर47 मिनट तक चलेगा। यानी चन्द्र ग्रहण की अवधि ३ घंटे २७ मिनट की रहेगी। चन्द्रग्रहण के प्रभाव के कारण 9 घंटे पहले ही सूतककाल लग जाएगा। जिस कारण इस बार होली के रंब बदरंग हो सकते हैं, हालांकि सूतककाल शाम 6.46 पर समाप्त हो जाएगा।

9 घंटे रहेगा ग्रहण का सूतक

कालज्योतिषाचार्य योगेश तिवारी ने बताया कि फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन होता है, लेकिन इस बार इस दिन भद्रा का साया रहेगा। तो वहीं होली वाले दिन यानी पड़वा को चन्द्रग्रहण का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। जो कि भारत के कई हिस्सों में भी दिखाई देगा। वैदिक ज्योतिष में ग्रहण को अशुभ माना जाता है, फिर चाहे वह सूर्य ग्रहण हो या फिर चंद्र ग्रहण जब भी ग्रहण लगता है तो प्रकृति में नकारात्मक ऊर्जा बढऩे लगती है और पर्यावरण में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। चन्द्र ग्रहण के दौरान लगने वाला सूतककाल 9 घंटे का होता है। इस दौरान पूजा पाठ से लेकर अन्य शुभ कार्य की मनाही होती है।

शाम 5.56 से पहले होगा होलिका दहन

ज्योतिषाचार्य तिवारी के अनुसार होलिका दहन वाले दिन पडऩे वाले चन्द्रग्रहण का सूतककाल सुबह 6 बजकर 39 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा, जो कि शाम 6 बजकर 47 मिनट तक चलेगा। इस दौरान पूजा पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, नवीन कार्य से लेकर खान पान तक से परहेज किया जाता है। २ मार्च को होलिका दहन पर भद्रा का भी साया रहेगा। होलिका दहन वाले दिन भद्रा शाम5 बजकर56 मिनट से प्रारंभ हो जाएगी जो अगले दिन यानी ३ मार्च को सुबह ५ बजे तक रहेगी। जिस कारण होलिका दहन शाम 5बजकर 56 मिनट से पहले किया जाएगा।

इस साल चार ग्रहण लगेंगे

चन्द्र और सूर्यग्रहण लगना एक खगोलीय घटना मानी जाती है। जानकारी के अनुसार इस वर्ष कुल चार ग्रहण लगेंगे। जिनमें से क्रमश: चन्द्रग्रहण २ और सूर्य ग्रहण भी २ होने वाले हैं। बताया जा रहा है कि यह ग्रहण खंडग्रास चन्द्र ग्रहण होंगे जो कि भारत के कुछ ही हिस्सों में दिखाई देंगे। जिस कारण इस ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले ही शुरू हो जाता है, वहीं सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले शुरू होता है।

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