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धौलपुर और करौली में कुनबा बढ़ाने को तैयार रणथम्भौर की बाघिनें

- दो साल से धौलपुर-करौली के जंगलों में कर रही हैं विचरण - धौलपुर में बाघिन टी-117 ने फरवरी 2021 में दिया था शावकों को जन्म धौलपुर/सवाई माधोपुर. रणथम्भौर बाघ परियोजना में बाघों का कुनबा बढऩे की खुशी की खबरें लगातार आ रही हैं।

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Tigresses of Ranthambore ready to increase clan in Dholpur and Karauli

धौलपुर और करौली में कुनबा बढ़ाने को तैयार रणथम्भौर की बाघिनें

धौलपुर और करौली में कुनबा बढ़ाने को तैयार रणथम्भौर की बाघिनें
- दो साल से धौलपुर-करौली के जंगलों में कर रही हैं विचरण

- धौलपुर में बाघिन टी-117 ने फरवरी 2021 में दिया था शावकों को जन्म

धौलपुर/सवाई माधोपुर. रणथम्भौर बाघ परियोजना में बाघों का कुनबा बढऩे की खुशी की खबरें लगातार आ रही हैं। पिछले दिनों रणथम्भौर की बाघिन टी-124 यानी रिद्धी को जोन तीन में एक शावक के साथ देखा गया था। उसी की बहन सिद्धी की शारीरिक संरचना में भी बदलाव नजर आने पर उसकी ओर से भी खुशखबरी आने के संकेत मिले हैं। इसी बीच अब रणथम्भौर के दूसरे डिवीजन करौली के कैलादेवी और धौलपुर के जंगलों में विचरण कर रहीं दो बाघिनों को भी प्रसव होने की संभावना जताई जा रही है।वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करौली के कैलादेवी अभयारण्य में बाघिन टी-118 व धौलपुर में बाघिन टी-117 जल्द अपना कुनबा बढ़ाकर वन्यजीव प्रेमियों को खुशी का मौका दे सकती हैं। ये दोनों बाघिन लगभग 2 साल से रणथम्भौर इलाके से निकल कर करौली व धौलपुर जिलों में विचरण कर रही हैं। वन अधिकारियोंं ने बताया कि करीब दो साल पहले भी रणथम्भौर की इन दोनों बाघिनों ने करौली व धौलपुर में शावकों को जन्म दिया था। दो साल बाद अब एक बार फिर इन बाघिनों के शावकों को जन्म देने के आसार जताए जा रहे हैं।

खास बात यह है कि बाघिन टी-117 बादली और बाघिन टी-118 यानी वर्षा भी रिद्धी-सिद्धी की तरह बहन हैं। बादली व वर्षा ने दो साल पहले करौली के कैलादेवी अभयारण्य में तथा फरवरी 2021 में बाघिन टी-117 यानि बादली ने धौलपुर के सरमथुरा के जंगलों में शावकों को जन्म दिया था।

बादली के लिए लगाए 21 कैमरे

दोनों बाघिनों के प्रसव की संभावना को देखते हुए वन विभाग की ओर से उनकी मॉनीटरिंग बढ़ा दी गई है। धौलपुर में बाघिन टी-117 की मॉनीटरिंग के लिए हाल में 17 नए फोटो ट्रैप कैमरे खरीदे गए हैं। ऐसे में अब कुल 21 कैमरों से बाघिन की मॉनीटरिंग की जा रही है। इसी प्रकार करौली में भी मॉनिटरिंग बढ़ाई गई है।

वर्षा करती है तूफान के साथ विचरण

कैलादेवी अभयारण्य में वर्षा करौली के कैलादेवी अभयारण्य में बाघ टी-80 यानी तूफान के साथ और धौलपुर में बाघिन बादली बाघ टी-116 के साथ विचरण करती है। हाल ही में दोनों की बाघों के साथ मेंटिंग भी हुई बताई। वन अधिकारियों की सच मानें तो दोनों बाघिन 15 से 20 दिनों में शावकों के साथ नजर आ सकती हैं।

इनका कहना है...

बाघिन टी-117 के शावकों को जन्म देने के आसार नजर आ रहे हैं। विभाग की ओर से बाघिन की मॉनीटरिंग कराई जा रही है।

- किशोर गुप्ता, उपवन संरक्षक, धौलपुर

बाघिन टी-118 की बाघ टी-80 यानि तूफान के साथ मेंटिंग हुई है। हालांकि अब तक बाघिन के साथ शावक नजर नहीं आए है लेकिन शावकों के जन्म की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। बाघिन की मॉनीटरिंग कराई जा रही है।

- रामानंद भाकर, उपवन संरक्षक, करौली

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