
Increase sperm motility: हफ्तेभर में शुक्राणु की गुणवत्ता बढ़ा देगा ये आहार
increase sperm motility in hindi: आप यदि शुक्राणु गुणवत्ता संबंधी समस्या से परेशान है तो, आपके लिए एक अच्छी खबर है। आप चाहे तो एक सप्ताह के भीतर अपने शुक्राणुओं की गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं। इस बात का खुलासा एक रिसर्च में किया गया है। छोटे पैमाने पर एक नए यूरोपीय अध्ययन में पाया गया है कि एक आदमी का आहार दो हफ्तों से भी कम समय में उसके शुक्राणु की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
स्वीडन के लिंकोपिंग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में सामान्य बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) वाले 20 से 27 वर्ष की आयु के 15 स्वस्थ, धूम्रपान न करने वाले युवा पुरुषों किया गया।
प्रतिभागियों को दो सप्ताह की अवधि के लिए शोधकर्ताओं द्वारा निर्धारित आहार का पालन करने के लिए कहा गया। पहले सप्ताह के दौरान, उन्हें नॉर्डिक पोषण सिफारिशों Nordic Nutrition Recommendations के आधार पर भोजन दिया गया, जिसमें उच्च मात्रा में अनाज, रोटी, आलू, फल और सब्जियों को शामिल किया, जबकि वसा और मिठाई का कम उपयोग किया गया। इसके साथ डेयरी, मांस, मछली, अंडे और बीन्स की एक मध्यम मात्रा शामिल कि गई है। , ।
दूसरे सप्ताह के दौरान, प्रतिभागियों ने आहार के अलावा उच्च मात्रा में चीनी का सेवन किया - प्रति दिन 375 ग्राम चीनी, लगभग 3.5 लीटर सोडा या 450 ग्राम कैंडी।
टीम ने अध्ययन के शुरू में प्रतिभागियों के शुक्राणु की गुणवत्ता और अन्य स्वास्थ्य कारकों को मापा, एक स्वस्थ आहार खाने के पहले सप्ताह के बाद, और एक उच्च-चीनी आहार खाने के दूसरे सप्ताह के बाद।
पीएलओएस बायोलॉजी में ऑनलाइन प्रकाशित किए गए निष्कर्षों से पता चला है कि अध्ययन की शुरुआत में प्रतिभागियों में से एक तिहाई में शुक्राणु की गतिशीलता कम थी ( low sperm motility ) - जो कि शुक्राणु की गति करने की क्षमता है, और एक कारक है जो शुक्राणु की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। हालांकि, टीम को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि अध्ययन के अंत तक, सभी प्रतिभागियों की शुक्राणु गतिशीलता ( Increase sperm motility ) सामान्य हो गई थी, जिसमें पहले सप्ताह से ही सुधार देखा गया।
अध्ययन प्रमुख अनीता ने कहा कि हमारा अध्ययन बताता है कि आहार शुक्राणु की गतिशीलता को प्रभावित करता है। और बहुत ही कम समय में तेजी से अपना असर दिखाता है। जोकि ध्यान देने योग्य बात है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि शुक्राणु की गतिशीलता में वृद्धि स्वस्थ आहार का प्रत्यक्ष परिणाम हो सकती है, जो दूसरे सप्ताह में बनी रही। जब प्रतिभागी अधिक चीनी भी खा रहे थे।
टीम ने छोटे आरएनए अंशों को भी देखा, जो शुक्राणु में पाए जाते हैं और एक कोशिका के विकास व गतिशीलता से जुड़े होते हैं, में भी दो सप्ताह के बाद बदलाव देखा गया।
टीम ने उल्लेख किया कि शुक्राणु की गुणवत्ता कई पर्यावरणीय और जीवन शैली कारकों से नकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकती है, उदाहरण के लिए, मोटापा और मोटापे से संबंधित बीमारियां, जैसे कि टाइप 2 मधुमेह, खराब शुक्राणु की गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध जोखिम कारक हैं।
शोधकर्ताओं ने कहा हमारे अध्ययन से पता चलता है कि थोड़े समय में आहार के जरिए शुक्राणु की गतिशीलता को बदला जा सकता है और इसके महत्वपूर्ण नैदानिक प्रभाव हैं।
Published on:
31 Dec 2019, 6:43 PM IST
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