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बगैर ऑक्सीजन सिलेंडर के मरीज को लेने पहुंची एम्बुलेंस, अस्पताल में डॉक्टर भी नहीं मिले

विरोध करने पर चालक वाहन छोडकऱ भागागाड़ासराई. स्वास्थ्य विभाग में की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रहा है, मृतक के परिजन से बिस्तर साफ कराने का मामला शांत भी नहीं हुआ कि अब एम्बुलेंस का मामला सामने आया है। मंगलवार को की सुबह 9 बजे गंभीर हालत में चन्दनघाट निवासी अयोध्या प्रसाद साहू गाड़ासरई […]

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विरोध करने पर चालक वाहन छोडकऱ भागा
गाड़ासराई. स्वास्थ्य विभाग में की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रहा है, मृतक के परिजन से बिस्तर साफ कराने का मामला शांत भी नहीं हुआ कि अब एम्बुलेंस का मामला सामने आया है। मंगलवार को की सुबह 9 बजे गंभीर हालत में चन्दनघाट निवासी अयोध्या प्रसाद साहू गाड़ासरई के स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया था, जिसे सांस लेने में तकलीफ थी। अस्पताल में डॉक्टर न मिलने के कारण परिजन जिला अस्पताल ले जाने 108 को सूचना देकर बुलाया, लेकिन जो एम्बुलेंस मरीज को लेने आई थी उसमें ऑक्सीजन सिलेंडर पूरी तरह खाली था। वहीं परिजनों के नाराज होने पर एंबुलेंस का चालक वाहन छोडकऱ भाग गया। कई बार फोन लगाने पर नहीं आया। परिजनों ने दूसरे 108 वाहन के आने का इंतजार करते रहे और कई बार डॉक्टर को इलाज के लिए अस्पताल बुलाने का भी प्रयास करते रहे। इस दौरान डॉक्टर 12 बजे अस्पताल पहुंचे और जांच के बाद मरीज को रेफर कर दिया। कई घंटों के मशक्कत के बाद मरीज को 108 वाहन में शिफ्ट कर जिला अस्पताल भेजा गया। डॉ. अंकित तिवारी ने बताया कि गाड़ासरई अस्पताल में मुझे अटैच किया गया है। साथ ही गोरखपुर स्वास्थ्य केन्द्र में भी सेवाऐं देनी पड़ती है। कुछ दिनों में व्यवस्थाऐंं दुरूस्त हो जाएंगी। गौरतलब है कि कुछ दिनो पूर्व स्वास्थ्य केन्द्र गाड़ासरई में जमीनी विवाद में घायल एक व्यक्ति को भर्ती कराया गया था जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। घायल व्यक्ति का खून बिस्तर पर लगा हुआ था तब मृतक के परिवार की एक गर्भवती महिला से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने साफ कराया था, मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन नर्सिग स्टाफ और आया को निलंबित किया था। साथ ही मेडीकल ऑफीसर को करंजिया स्वास्थ्य केन्द्र संलग्न कर दिया था। इस सबके बाद भी स्वास्थ्य अमला सबक नहीं ले रहा है और लगातार लापरवाही बरती जा रही है।