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एटीएम धोखाधड़ी का गाड़ासरई पुलिस ने किया पर्दाफाश

पुलिस गिरफ्त में आरोपी और जप्त एटीएम

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ATM fraud was carried out by police

ATM fraud was carried out by police

गाडासरई। समूचे जिले में हो रहे एटीएम बदलकर पैसे की ठगी के मामले में गाड़ासरई पुलिस को सफलता प्राप्त हुई है जानकारी अनुसार पिछले कई दिनों से थाना गाड़ासरई में एटीएम से धोखाधड़ी कर पैसे निकालने की शिकायत मिल रही थी जिस पर थाना गाड़ासरई में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। जिसके संबंध में पुलिस अधीक्षक डिंडोरी के निर्देशन में एवम अति.पुलिस अधीक्षक तथा अनु.अधि.पुलिस डिंडोरी के उचित मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गाड़ासरई उप निरी.अखिलेश दहिया द्वारा टीम गठित की गई जो टीम ने लगातार एटीएम पर नजर रखी तथा सीसीटीवी फोटो के आधार पर संदेही की पहचान हुई लेकिन संदेही का नाम और निवास की जानकारी नही मिल सकी, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन पर मुखबिर सूचना के आधार पर संदेही की मोटर साइकिल का नो एमपी 65 एमसी 4718 के संबंध में जानकारी मिली जिस पर तत्काल जानकारी प्राप्त कर उक्त संदेही का नाम संतराम पिता गगलु दास टांडिया निवासी हर्रा डोंगरी केवलारी की जानकारी मिली जिसपर तत्काल निवास पर दबिश देकर संदेही को पकड़ा गया पूछताछ करने पर संदेही द्वारा गाड़ासरई क्षेत्र में घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की गई बाद में प्रकरण के प्रार्थीगण से पहचान कराए जाने पर उक्त संदेही को सही पहचाना जिसे अभिरक्षा में लिया जाकर पूछताछ कर आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तथा धोखाधड़ी के पैसे से खरीदी गई मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी 65 एमसी 4718 अलग अलग बैंको के 7 नग एटीएम और 5 हजार 800 रू. नगद जप्त किया जाकर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। उक्त पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी गाड़ासरई, उप निरी अखलेश दहिया, सउनि मुकेश बैरागी, संतोष उइके, आरक्षक प्रभाकर सिंह, राघवेंद्र मरावी, आदित्य शुक्ला, अनिल उइके, संदीप साहू तथा सायबर सेल के आरक्षक अभिमन्यु वर्मा की मुख्य भूमिका रही।
ग्राहक ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप
डिंडोरी। कोतवाली थानांतर्गत कारोपानी निवासी एक व्यक्ति ने लिखित शिकायत करते हुये एक वाहन विक्रेता पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुये लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत कर्ता आनंद धुर्वे ने बतलाया कि संगम मोटर्स में 9 फरवरी को 40 हजार रूपये जमा कर ऑटो लिया था और संबंधित ऐजेंसी के द्वारा राशि लेने के बाद ऑटो भी उपलब्ध करा दिया था। लेकिन दूसरे दिन कार्रवाई के लिये क्रेता जब ऐजेंसी पहुंंचा तो ऐजेंट मरकाम ने यह कहने लगा कि तुम्हारे नाम ऑटो फायनेंस नही होगा किसी अन्य व्यक्ति के नाम फायनेंस करा लो। जिसके बाद आनंद ने अपने किसी रिस्तेदार की तलाश करने लगा जिसके नाम से ऑटो फायनेंस कराया जा सके। कुछ दिनों बाद अपने एक रिस्तेदार को लेकर पहुंचा तो ऐंजेंसी में मौजूद कर्मचारियों ने 60 हजार रूपये की मांग की जिसके बाद फायनेंस होने का हवाला दिया और ऑटों खड़ा कर लिया गया। क्रेता ने राशि देने के लिये लगभग एक माह का समय मांगा और वापस चला गया कुछ दिनों बाद ऐजेंसी पहुंचा तो उसे ऑटो देने से मना कर दिया गया। तब क्रेता ने पैसे वापिस करने का आग्रह किया लेकिन कुछ राशि देने के बाद आना कानी की जा रही है जिससे तंग क्रेता ने कोतवाली में लिखित शिकायत की है।