4 दिसंबर 2025,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नहर का पानी हुआ बंद, अब सूखने लगे किसानों के खेत

कैनाल सफाई के नाम पर शासकीय राशि का हेरफेर, किसानों को नहीं मिल रहा लाभडंडौरी. रवि फसलों की बुवाई के सीजन में जल संसाधन विभाग की बेरुखी से क्षेत्र के अन्नदाताओं परेशान है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने बनाई गई योजना कृषकों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है। क्षेत्र के तरच एनीकट […]

2 min read
Google source verification

कैनाल सफाई के नाम पर शासकीय राशि का हेरफेर, किसानों को नहीं मिल रहा लाभ
डंडौरी. रवि फसलों की बुवाई के सीजन में जल संसाधन विभाग की बेरुखी से क्षेत्र के अन्नदाताओं परेशान है। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने बनाई गई योजना कृषकों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है। क्षेत्र के तरच एनीकट बांध से पानी की आपूर्ति के लिए वर्षों पूर्व बनाई गई नहर बदहाल हो चुकी है। इसमें पानी बंद होने से इस समय क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ खेतिहर जमीन में सूखे के हालत बन गए है। सिंचाई के लिए पानी न मिलने की स्थिति में किसानों के माथे में चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं। किसान अब भी खेतों में बीज बोने और सिंचाई करने के लिए बूंद बूंद पानी को मोहताज है। विभाग की उदासीनता से किसानों में आक्रोश पनप रहा है।
फूट गई कैनाल
जलसंसाधन विभाग ने तरच से सारंगपुर तक जो नहरें बनाई थी वह जगह-जगह से फूट गई है। नहरों की साफ सफाई नहीं होने से इसमें उगी घास फूस ने नहरों में प्रवाहित होने वाले पानी को रोक कर रखा है। नहर से पानी की सप्लाई न होने से हजारों हेक्टेयर भूमि सुख गई है। सिंचित भूमि मे सूखे के कारण खेती कर पाना किसानों के लिए मुश्किल हो रहा है। किसानों का कहना है कि नहरों में पानी बंद होने से रबी सीजन में बोई जाने वाली दलहनी फसलों की बुवाई नहीं हो पा रही है। इस विकराल समस्या को लेकर किसान चिंतित नजर आ रहे है।
नहीं कर पा रहे बुवाई
वनग्राम तरच से भुरसी, भानपुर, भर्राटोला के रास्ते सारंगपुर तक जाने वाली लगभग 6 किमी की लंबाई वाली नहर मे भुरसी ग्राम के नजदीक से पानी सप्लाई बंद हो जाने से किसानों के समक्ष संकट खड़ा हो गया है। कैनाल में पानी की आपूर्ति पूर्णत: बंद हो जाने से क्षेत्र के किसान रबी फसलों चना, मसूर, मटर, तथा अन्य फसल गेहूं आदि की बुवाई नहीं कर पा रहे है।
पानी का इंतजार
नहरो के क्षतिग्रस्त होने और कचरा जमा होने के चलते पानी आगे की ओर नहीं बढ़ पा रहा है। कुछ किसानों ने रबी फसलों के लिए खेत की जुताई कर उसमें बीज बो दिए हैं, पर पानी की कमी के कारण खेतों में बोए गए बीज नष्ट होने की कगार पर हैं। वहीं खेतों में पानी नहीं होने की दशा में सैकड़ों किसानों ने अभी खेतों में बीज तक नहीं बोया है। पानी की उपलब्धता को लेकर किसान असमंजस की स्थिति में है। किसानों का कहना है अगर बीज बो दिया और पानी नहीं मिला तो उनका काफी नुकसान हो जाएगा। क्षेत्र के कृषकों की माने तो जलसंसाधन विभाग ने हाल ही में नहर में कुछ स्थानों में घास फूस उखड़वाने का कार्य कराया है। इसके बाद भी पानी आगे की ओर नहीं बढ़ पा रहा है। किसानों का कहना है कि सिर्फ चारा उखाडऩे से नहरें साफ नहीं हो जाएंगी। इस तरह की सफाई तो कागजों में हर साल की जाती है, परंतु नहरों की दुर्दशा में कोई सुधार नहीं हुआ।
इनका कहना है
नहरों में पानी छोड़ा जा चूका है, जहां नहरे जर्जर हो चुकी हैं वहां सुधार कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा नहरों की साफ सफाई की जा रही हैं।
आरपी अहिरवार, एसडीओ जल संसाधन विभाग डिंडौरी