
Sand thieves spoil the appearance of rivers and drains
डिंडौरी. नर्मदा संरक्षण को लेकर हर स्तर पर प्रयास हो रहे हैं। इसके अस्तित्व को बचाए रखने कुछ वर्ष पूर्व नर्मदा सेवा यात्रा भी निकाली गई थी। समय-समय पर सामाजिक संगठन व मां नर्मदा के प्रति विशेष आस्था रखने वाले इसे संरक्षित करने आवाज बुलंद करते रहते हैं। इन सब प्रयासों के बीच प्रशासन व विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते रेत कारोबारी इन सभी प्रयासों में पानी फेर रहे हैं। जिले से होकर गुजरने वाली नर्मदा के कई घाटो से बेखौफ होकर रेत कारोबारी रेत उत्खनन व परिवहन का कारोबार कर रहे हैं। नर्मदा के साथ ही बुढनेर नदी में बड़ी-बड़ी मशीनें उतारकर रेत निकालने के साथ ही बड़े-बड़े हाइवा से परिवहन किया जा रहा है। जिले की नर्मदा समेत सिवनी, बुढऩेर, खरमेर नदियों में अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है।
विभाग की गठजोड़, पहले लग जाती है भनक
जिले मे रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। विभागीय अधिकारियों ने इन रेत कारोबारियों को खुली छूट दे रखी है। इन रेत कारोबारियों की विभागीय अमले से ऐसी गठजोड़ है कि कार्यवाही के लिए टीम के निकलने के पहले उन तक खबर पहुंच जाती है। नदियों के संरक्षण की वजाय प्रशासन इनके अस्तित्व को समाप्त करने पर तुले रेत कारोबारियों को संरक्षण दे रहा है। खनिज विभाग रेत के अवैध खनन पर गैर जिम्मेदाराना रवैया अपना रहा है। जल भराव क्षेत्र में मजदूरों के माध्यम से उत्खनन कराया जा रहा है।
एनजीटी की गाइड लाइन का उल्लंघन
जिले में रेत कारोबारियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वह सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी की गाइडलाइन की भी खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। नर्मदा नदी से नियम कायदों को ताक में रखकर रेत खनन कर रहे हैं। नदी के बीचो-बीच सडक़ों का जाल बिछा दिया गया है और बारहमास बहने वाली इस नदी के तल से भी रेत की खुदाई की जा रही है। नदी से रेत के दोहन से पानी दूषित हो रहा है और जलीय जीवों को भी खतरा बना हुआ है। नदी के प्राकृतिक स्वरूप से भी छेड़-छाड़ की जा रही है। एनजीटी द्वारा नर्मदा सहित अन्य नादियो में रेत खदानों में मशीनों से रेत खनन पर रोक लगाई है। यहां सिर्फ मजदूरों से रेत खनन की अनुमति है। इसके बाद भी मशीनों से भी रेत का उत्खनन धड़ल्ले से हो रहा है।
इन तटों से हो रहा उत्खनन
जिले के गाड़ासरई, शोभापुर, बंजर टोला ,रहेंगी, तेली टोला, रुसा, करंजिया, सिवनी, भीमकुण्डी तथा अनेक जगहों पर दिन दहाड़े नर्मदा नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। इन स्थानों से रेत खनन और परिवहन होता हैं, इसकी जानकारी खनिज विभाग को भी हैं। नर्मदा नदी में चल रहे रेत के अवैध कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों ने अनेको बार जवाबदारों से शिकायतें की है, लेकिन नतीजा शिफर ही रहा है। कार्रवाई तो दूर की बात है अधिकारी और जिम्मेदारों ने इन मामलों की जांच करना भी उचित नहीं समझा।
इनका कहना है
रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन रोकने जिले भर में 11 नाके बनाए गए हैं। इन नाकों में स्थानीय लोग तैनात रहेंगे। खदानों की टेण्डर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन न हो इसके लिए पूरा ऐहतियात बरता जाएगा। अभी जो वीडियो सामने आए हंै उनकी भी जांच कराई जाएगी, हाल हि के वीडियो हैं तो उस पर कार्यवाही कि जाएगी।
विकाश मिश्रा, कलेक्टर डिंडौरी।
Published on:
30 Nov 2023 12:30 pm
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