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परीक्षण के उपरांत ही वितरित किए गए जूते-चप्पल: मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे

केबिनेट मंत्री ने रखा अपना पक्ष

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Footwear sold after the test: Minister Omprakash Dhurve

Footwear sold after the test: Minister Omprakash Dhurve

डिंडोरी। तेंदूपत्ता संग्राहकों को वितरित किये गये जूते चप्पलों में खतरनाक रसायन होने के खुलासे के बाद से प्रशासनिक हलकों में खलबली का माहौल है, चूंकि पूरा मामला जांच रिपोर्ट के आधार पर जुड़ा हुआ है। साथ ही लैब से प्रमाणित होने के उपरांत ही यह खुलासा किया गया था। जिले में लगभग 89 हजार से अधिक संग्राहकों को जूते चप्पल का वितरण होना है। केबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने मामले पर पत्रकारों को बताया कि जिले में जूते चप्पलों के वितरण में सावधानी बरती गई है और लैब टेस्ट रिपोर्ट के उपरांत ही वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला लघुवनोपज सहकारी मर्यादित संघ डिण्डोरी के अन्तर्गत वर्ष 2015-16 में तेन्दूपत्ता लाभांश की राशि से तेन्दूपत्ता संग्राहकों को शासन द्वारा वर्ष 2018 में सामग्री वितरण किया गया। जिसमें कुल 45132 संग्राहको के परिवार को 54132 नग साड़ी, 89707 नग पानी की बॉटल, 45132 जोड़ी चप्पल एवं 44575 जोड़ी जूता का वितरण किया जाना था, जिसमें 45132 नग साड़ी एवं 89707 नग पानी की बॉटल कम्पनी से प्रीटेस्टिंग टेस्ट कराकर वन विभाग को प्राप्त हुए। जिसे पुन: वन विभाग द्वारा पोस्ट टेस्टिंग करवाकर परीक्षण में सफल रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात संग्राहकों को साड़ी एवं पानी बाटल का पूर्ण वितरण कराया जा चुका है। इसी प्रकार 45132 जोड़ी चप्पल, प्रिटेस्टिंग एवं पोस्ट टेस्टिंग परीक्षण मे सफल रिपोर्ट प्राप्त होने पर वितरण किया जा चुका है। जबकि कुल 44575 जोड़ी जूते का वितरण किया जाना था। इसमें 21150 जोड़ी जूते प्रि एवं पोस्टडिलेवरी टेस्टिंग में सफल रिपोर्ट प्राप्त होने पर वितरण किया जा चुका है। शेष 23425 नग जोड़ी जूतों के पोस्टडिलेवरी टेस्टिंग रिपोर्ट में जूते के इनसाक में एजेडओ रसायन की मात्रा निर्धारित मापदण्ड से अधिक पाये जाने के कारण 23425 जोड़ी जूतों को वितरण करने से रोक दिया है तथा इनसाक बदलने की कार्यवाही की जा रही है। नये इनसाक लाकर पुन: परीक्षण कराया जा रहा है। परीक्षण में सफल पाये जाने पर ही शेष बचे 23425 जोड़ी जूतो का वितरण किया जावेगा। डिण्डोरी वनमण्डल में प्राप्त जूते एवं चप्पल की प्री-डिलेवरी टेस्ट, फुटवेयर डिजाइन एण्ड डेवलपमेंन्ट इन्स्टीट्यूट (गवर्मेंट ऑफ इंडिया) नोयडा (यू.पी.) से कराया गया एवं पोस्ट डिलेवरी टेस्ट सीएसआईआर केन्द्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान (गवर्मेंट ऑफ इंडिया) चैन्नई में कराया जाना था।