
Highly-charged police, two uniformed suspensions on the complaint of the accused
डिण्डोरी। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक महिला उत्पीडऩ तथा महिला अत्याचार की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करना दो पुलिस कर्मियों को मंहगा पड़ गया, प्राथमिकी दर्ज होते ही आरोपी अधिकारी को पूछताछ के लिये थाना लाना अधिकारी को इतना नागवार गुजरा कि थाना से रवाना होते ही आरोपी ने दो वर्दीधारियों पर रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप लगा पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत कर दी। आरोपी की शिकायत को तवज्जो देते हुये अधिकारियों ने आनन फानन में एक हेड कास्टेबबल और एक सहायक उपनिरीक्षक की न केवल जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी वरन दोनों को लाईन हाजिर के साथ निलंबन की सजा भी सुना दी। पूरे मसले के बाद नगर में पुलिस पर भारी आरोपी संबंधी चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि पुलिस कर्मियों के निलंबन तथा लाईन अटैच को ऊपरी दबाब के रूप में देखा जा रहा है। जिससे इस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि महिला की शिकायत पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग मनोज लारोकर के विरूद्ध सिटी कोतवाली में शनिवार देर रात लगभग साढ़े तीन बजे बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था। पीडि़ता ने अपने कथन मे नौकरी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का हवाला दिया। जिसके बाद पुलिस ने संजीदगी तथा गंभीरता दिखाते हुये सुप्रीम कोर्ट में दिशा निर्देशों के मुताबिक महिला संबंधी अपराध में त्वरित कार्रवाई को बखूबी अंजाम देते हुए आरोपी को दूसरे दिन सुबह थाना हाजिर किया था। जहां पूछताछ के बाद आरोपी को रविवार दोपहर छोड़ दिया गया। जिसके बाद आरोपी अधिकारी ने उच्च न्यायालय की गाईड लाईन का पालन करने वाले सहायक उपनिरीक्षक मनमोहन सिंह तथा प्रधान आरक्षक पर रिश्वत मांगने संबंधी लिखित शिकायत एसपी से रविवार शाम कर दी। इस पूरे मसले में आरोपी के आला पुलिस अफसरों से खास संबंधों की बात भी सामने आयी है, जिसके चलते दो पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। वही आला अधिकारियों की दखल अंदाजी से कानूनी कार्रवाई भी प्रभावित हुई है। पूछताछ के लिये हिरासत में लिये गये आरोपी की गिरफ्तारी चार दिनों बाद भी नही किये जाने तथा पीडि़त को समझौता के लिये मोटी रकम की सुगबुगाहट से पूरा मामला संदेह के घेरे में आ गया। हालांकि पुलिस अधिकारी मामले की तह तक पहुंचने जुटे हुये है, लेकिन कार्रवाई के बीच में शिकायत और सजा से यूनीफार्म फोर्स का मनोबल कमजोर नजर आ रहा है।
इनका कहना है
आरोपी अधिकारी की शिकायत पर सहायक उपनिरिक्षक मनमोहन सिंह तथा प्रधान आरक्षक क्लाइमेंट जॉन को लाईन अटेच पर निलंबित किया गया है। शिकायत की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
कार्तिकेयन के
पुलिस कप्तान डिंडोरी
Published on:
09 Aug 2018 05:14 pm
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