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दान की भूमि में बनाए गए इंदिरा आवासों का नहीं हुआ हस्तांतरण

40 वर्ष के बाद भी राजस्व रिकार्ड में दर्ज है निजी व्यक्ति का नामडिंडौरी. जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत कोहानी माल में इंदिरा आवास में रह रहे लोगों को उनके भूमि का अधिकार नहीं मिला है। जबकि यह भूमि दान में दी गई थी। ग्रामीणों विगत दिनों कलेक्टर को लिखित शिकायत करते हुए मांग की है […]

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40 वर्ष के बाद भी राजस्व रिकार्ड में दर्ज है निजी व्यक्ति का नाम
डिंडौरी. जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत कोहानी माल में इंदिरा आवास में रह रहे लोगों को उनके भूमि का अधिकार नहीं मिला है। जबकि यह भूमि दान में दी गई थी। ग्रामीणों विगत दिनों कलेक्टर को लिखित शिकायत करते हुए मांग की है कि जिस भूमि में आवास बनाकर रह रहे हंै वह भूमि राजस्व रिकार्ड में निजी व्यक्ति के नाम दर्ज है। जिससे नाम हटवाकर शासन के नाम दर्ज किया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 19़85-86 में डिण्डौरी अविभाजित जिला मंडला में शामिल था, इस दौरान प्रदेश सरकार ने इंदिरा आवास गृह योजना के तहत ग्राम पंचायत अंतर्गत इंदिरा आवास गृह का निर्माण कराया था, जिसमें पात्रता के आधार पर आवास हीन और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों को इस योजना का लाभ दिया गया था। इस योजना के तहत एक कॉलोनी का निर्माण कराया गया था, इसमें 25 आवास का निर्माण किया गया था। अधिकतर आवास शासकीय भूमि में निर्माण कराए गए थे, लेकिन जहां शासकीय भूमि नहीं थी वहां ग्रामींणों ने भूमि सरकार को दान दी थी। जिन पर आवास निर्माण कराया गया था। तत्कालीन मंडला कलेक्टर ने आवासों की मॉनीटरिंग और लोकार्पण किया गया था, लेकिन कुछ महीनों बाद अधिकतर आवास में लोगों ने रहना बंद कर दिया, जिसके बाद आवास रख रखाव के अभाव में जर्जर हो गए। लेकिन आज भी ऐसे आवास है कुछ परिवार निवासरत हंै, लेकिन दान में दी हुई भूमि सरकारी दस्तावेज में हस्तांतरण नहीं कराई गई। 40 वर्ष बाद भी भूमि दान दाता के नाम दर्ज है। ग्रामीण अमृत लाल, सुरेश सिंह, रामगोपाल, नानबाई, शिवचरण, संतू, ओमती और बसोरी ने मांग की है कि आवास भूमि स्वामी का नाम राजस्व रिकार्ड से हटाकर ग्राम पंचायत कोहानी देवरी का नाम दर्ज किया जाए।