
Lahari Bai selected for Plant Genome Savior Farmer Award for 2021-22
डिंडौरी. मिलेट प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने वाली लहरी बाई को भारत सरकार के पौध किस्म और कृषक अधिकार प्राधिकरण ने 2021-22 के प्लांट जीनोम सेवियर फार्मर अवार्ड के लिए चयन किया गया है। यह अवार्ड 12 सितम्बर को दिल्ली में आयोजित ग्लोबल सिंपोजियम में दिया जाएगा। बैगा जनजाति के लोग हैं पहले हम सोलह जात का खाना खाते थे लेकिन अब एक जात का खाना मिलता है। यानि पहले उनके बेवर खेत में सोलह प्रजाति की फसल होती थी। बेवर जब बंद हो गया तो बैगाओं का यह भोजन विविधता खत्म हो गया। सोलह जात यानि सभी प्रकार का मिलेट जिसे आज श्रीअन्न बोला जाता है इसके साथ ही दाल की भी कई किस्में होती थी। करीब 10-15 साल पहले सोलह प्रजाति की बीज खोजना शुरू किया गया, जिसे एक जगह रखने के लिए लहरी बाई की खाली पड़ी झोपड़ी को ठीक किया गया। जैसे-जैसे बीज मिलता गया उसे जमा करते गए और खेतों में बोया जाने लगा। यह काम बैगा महापंचायत की सक्रिय महिला सदस्य सामुहिक रूप से करती थीं। बाद में उसे सामुदायिक बेयर बीज बैंक का नाम दिया गया। यह बीज बैंक लहरी बाई के घर में था तो बीजों की साफ-सफाई समूह की महिलाओं के साथ लहरी बाई भी करती थी। इसके बाद निर्माण संस्था ने महिलाओं की एक समिति बनाई। 18 से 20 सितम्बर 2022 को दिल्ली में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वैराइटी एंड फार्मर राईट सम्मेलन में लहरी बाई ने भाग लिया और मिलेट की प्रदर्शनी लगाई। वर्ष 2023 में अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित हुआ। 4 जनवरी 2023 को डिंडौरी कलेक्टर विकास मिश्रा ने लहरी बाई के घर जाकर सामुदायिक बेयर बीज बैंक को देखा और प्रशंसा करते हुए विशेष रूचि लेकर लहरी बाई के प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद की। जिला मुख्यालय में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह में लहरी बाई को मुख्य अतिथि बनाया गया। इंदौर में आयोजित जी-20 सम्मेलन में लहरी बाई ने प्रतिनिधित्व किया और मिलेट वैराइटी का प्रदर्शन किया। सामुदायिक बेयर बीज बैंक के जरिए मिलेट प्रजातियों के संरक्षण करने से अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष पर कई निजी कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि बनाया गया। पौध किस्म और कृषक अधिकार प्राधिकरण ने 2021-22 के प्लांट जीनोम सेवियर फार्मर अवार्ड के लिए लहरी बाई के चयन की जानकारी पत्र के माध्यम से दी। इस सम्मान के लिए लहरी बाई के सतत् प्रयास और जिला प्रशासन के सार्थक सहयोग रहा है। डिंडौरी जिले के लिए लहरी बाई की यह उपलब्धि गौरव का विषय है।
Published on:
29 Aug 2023 01:29 pm
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