
polithin
करंजिया. ब्लाक मुख्यालय करंजिया में स्वच्छता अभियान के दम तोडऩे की बात किसी से छिपी नही है। जिससे यह बात स्पष्ट होती है कि सिर्फ कागजो पर नियम बनाकर थोपे जा रहे है और उन्ही नियमों को ताक मे रखकर सजा दिये जाते है। मैदानी स्तर पर इसका अमल नही होता है अभी कुछ दिन पहले देश मे पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने के दावे किये जा रहे थे और सभी लोग के पालीथीन के नुकसान पर अपनी अपनी राय दे रहे थे लेकिन कुछ दिनों के लिए माहौल बनता है सब बढ चढकर भागीदारी निभाते है और फिर बाद मे दावों की हवा निकल जाती है ऐसा ही कुछ हाल मुख्यालय करंजिया का है जहां पर पोलिथिन आम लोगो के बीच खास होती जा रही है जो बेजुबान जानवरो के मौत का कारण बन सकती है ।
इस पोलिथिन के यहां वहां फैले रहने के कारण एवं जिम्मेदारो के विमुख होने के कारण पता नही कितने जानवरो ने अपनी जान से हाथ धो बैठे हो इसकी जानकारी तो नही है परन्तु यह देखा जा सकता है कि बेजुबान जानवर भूख, प्यास के सामने जो मिलता है उन्हे खा लेते है उन्हे क्या पता कि इनमे से कौन सी चीज उनके मौत का कारण बन जाएगी।
गाय जिसे आम लोग अपनी माता कहते हैं जिसमे 33 करोड़ देवी देवताओं के वास होने की बात कही जाती है और पूजा की जाती है। इस समय मवेशियों को यहां वहां पॉलिथीन को खाते देखा जा सकता है लापरवाही कहें या लाचारी इसके फलस्वरूप बेजुबान जानवरों को अपनी जान देकर भोगना पड़ सकता है। बेजुबान जानवरों और पर्यावरण की दृष्टि से पोलिथिन प्रतिबंध की मांग करना एवं इसे प्रयोग से रोकने की मांग होनी चाहिए।
सड़क किनारे एवं बाजार मे फैली पॉलिथीन
मुख्यालय एवं आसपास के हर तिराहे, चौराहे, सडक किनारे, मैदानो मे पालिथिन फैली रहती है और इन्हीं क्षेत्रों में मवेशियों का जमघट लगा रहता है जो साफ दर्शाता है कि इनके पालनहारी इनके प्रति अपना कितना हक निभा रहे हैं। जिसके कारण जानवरों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड रहा है ।
Published on:
07 Dec 2018 08:24 pm
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