9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जीवन रूपी सरिता को पार करने नौका के समान है दस धर्म

पर्यूषण पर्व की समाप्ति पर निकली श्री जी की भव्य शोभा यात्रा

2 min read
Google source verification
Ten religions are like boats to cross the river of life.

Ten religions are like boats to cross the river of life.

डिंडौरी. जैन समाज के दस लक्षण पर्व की समाप्ति पर अंतिम दिन भगवान श्री जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। यह शोभा यात्रा पाŸवनाथ दिगम्बर बड़े जैन मंदिर से प्रारंभ होकर कांच मंदिर पहुंची और फिर दोनों विमान जी के साथ नगर के मुख्य मार्ग से निकली। जैन समाज के लोगों ने जगह-जगह भगवान जी की आरती एवं पूजन की। इसके बाद शोभायात्रा भारत माता चौक पहुंची, जहां पर नगरपालिका अध्यक्ष एवं सभी पार्षदो ने एवं गांधी चौक में स्थानीय विधायक ओमकार मरकाम ने श्री जी की पूजा अर्चना की। भाजपा कार्यालय के सामने भाजपा जिलाध्यक्ष अवधराज बिलैया के साथ डिंडौरी विधानसभा प्रत्याशी पंकज तेकाम, नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत, उपाध्यक्ष सारिका नायक, मण्डल अध्यक्ष लक्ष्मण ठाकुर, कार्यालय प्रभारी पुनीत जैन सहित अन्य कार्यकर्ता पुष्प वर्षा कर भगवान की आरती एवं पूजन की। इसके बाद शोभायात्रा वापस मंदिरो में समाप्त हुई और मंदिर में भगवान जी का अभिषेक शांतिधारा एवं पूजन की गई। श्री जी की प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य अशोक हार्डवेयर परिवार को एवं द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य सिंघई प्रदीप जैन परिवार को प्राप्त हुआ। पर्यूषण पर्व के इन दस दिनों में जयपुर सांगानेर से पधारे विद्वान सुधांशु शास्त्री के प्रवचन सुनने का अवसर संपूर्ण समाज को प्राप्त हुआ। उन्होने दस लक्षण पर्व अर्थात उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम अर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन, उत्तम ब्रम्हचर्य आदि दस धर्मों के पालन करने की महिमा बताते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन को सार्थक बनाने के लिए इन दस धर्मो का पालन करना जीवन रूपी सरिता को पार करने के लिए नौका के समान है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
दस दिनों तक लगातार सुबह संगीत में पूजन एवं शाम को सामूहिक आरती, भजन का कार्यक्रम हुआ एवं स्थानीय कृषि उपज मण्डी प्रांगण में प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रम नृत्य नाटिका आदि हुआ। इस अवसर पर आचार्य विद्यासागर जी द्वारा रचित मूक माटी काव्य पर नाटक की प्रस्तुति की गई। अंतिम दिन जैन मंदिर जी में पारितोषिक वितरण एवं प्रतिभा सम्मान किया गया। दस दिनों तक नगर के तीनों मंदिर क्रमश: पाŸवनाथ बड़े दिगम्बर जैन मंदिर, कांच मंदिर, मुनिसुब्रतनाथ जैन मंदिर खनूजा कॉलोनी में विशेष साज सज्जा की गई। पर्यूषण पर्व के बाद जैन धर्मावलंबी क्षमा वाणी का कार्यक्रम एवं वात्सल्य भोज्य का कार्यक्रम करते है। इसी क्रम में शनिवार को क्षमा वाणी एवं सामाजिक वात्सल्य भोज्य कारोपानी स्थित हथकरघा संस्थान में रखा गया है।