
Women surrounded the collector in protest against the construction of the dam
डिंडोरी. बांध निर्माण के विरोध को लेकर करंजिया के बिठलदेह गांव की सैकड़ों महिलाएं एक बार फिर कलेक्ट्रेट पहुंची। महिलाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध किया। इसके बाद कलेक्टर की गाड़ी के चारों तरफ बैठ गई। जिसके बाद पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जब कलेक्टर महिलाओं से मिलने पहुंचे, और आश्वासन दिया कि बांध बिना ग्रामीणों की सहमति से नहीं बनेगा। कलेक्टर के आश्वासन के बाद महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन समाप्त किया।
तहसीलदार की नहीं सुनी बात
बिठलदेह गांव से आई सैकड़ों महिलाओं से मिलने और बात करने नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। जिस पर महिलाओं ने उनसे बात करने से इंकार कर दिया और कलेक्टर से मिलने की बात पर टिकी रही। कलेक्टर रत्नाकर झा और पुलिस अधीक्षक संजय सिंह महिलाओं के पास पहुंचे और उनसे चर्चा की। उन्होने आश्वस्त किया कि बांध निर्माण बिना ग्रामीणों की सहमति नहीं कराया जाएगा। कलेक्टर के आश्वासन के बाद महिलाएं वहां से उठी।
नहीं बेच पाएंगे अपनी उपज, बनाएं व्यवस्था
ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि शासन ने उनकी जमीन अधिग्रहीत कर ली है। अब जो उपज है वह उसे समर्थन मूल्य पर नहीं बेंच पाएगी। ऐसे में इसके लिए कोई समुचित व्यवस्था बनाई जाए। जिस पर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि कुछ वैकल्पिक व्यवस्था उस समय की जाएगी। धरना-प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रेश परस्ते और उपाध्यक्ष अंजू ब्यौहार भी पहुंचे और बातचीत के दौरान मौजूद रहे।
बिलगड़ा बांध का भी हुआ था विरोध, अब किसान हो रहे मजबूत
जिले में बांध निर्माण को लेकर पहली बार विरोध नहीं हो रहा है। जानकारों की माने तो जिला सूखाग्रस्त घोषित है। जल स्तर बढ़ाने के लिए जब भी बांध बनाने जैसे बड़े कदम उठाए जाते हैं तो ग्रामीण विरोध करते हैं। जिले के सबसे बड़ा बांध बिलगड़ा बांध इसका उदाहरण है। इस बांध के निर्माण के दौरान भी भारी विरोध हुआ था लेकिन अब इस बांध से क्षेत्र के किसानों की जमीन सिंचित हो गई है और किसान मजबूत हो रहे हैं।
Published on:
12 Oct 2022 02:06 pm
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