
Salt and diabetes
सामान्यत: बेकरी उत्पादों में नमक का अधिक प्रयोग होता है। इनके अलावा अधिक नमक वाले अचार ऑस्टियोपोरोसिस व पेट के कैंसर का खतरा 10 प्रतिशत तक बढ़ा देते हैं। भारत में टाइप-2 मधुमेह रोगी की संख्या ज्यादा है, ऐसे में उनमें अधिक नमक खाने से हार्ट अटैक का खतरा भी दोगुना हो जाता है।
ये हैं फायदे : नमक शरीर में सोडियम व क्लोराइड की पूर्ति करता है। खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए इसे कई तरीकों से सीमित कर सकते हैं। जैसे- चपाती के लिए आटे में नमक कम डालें। सलाद व फलों में ऊपर से इसे न डालें। डाइनिंग टेबल पर नमकदानी न रखें। बिना नमक का दही, रायता, छाछ लें। अचार, पापड़, नमकीन, बिस्किट और बेकरी व डिब्बाबंद चीजों का उपयोग सीमित मात्रा में करें।
नुकसान : अधिक नमक खाने से ब्लड प्रेशर अनियंत्रित और हड्डियां कमजोर होती हैं। अभय कुमार जैन
इस तरह करें प्रयोग (How to use it)
रोज 2-3 चम्मच (बड़ों को) नमक की मात्रा पर्याप्त है। गुनगुने पानी में थोड़ा नमक डालकर गरारे कर सकते हैं। इसमें पैरों को डुबोने से थकान भी नहीं रहती है।
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मधुमेह: साबुत बीज, पाउडर व तेल के रूप में ले ले सकते हैं अलसी
अखरोट जैसा स्वाद होता है अलसी का। इसकी सुगंध भी काफी अच्छी होती है।
पोषक तत्व : अलसी के बीजों में तीन प्रमुख तत्त्व होते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, लिगनेन, म्यूसिलेज। इसके अलावा यह विटामिन-बी1, प्रोटीन, तांबा, मैंग्नीज, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, जिंक व सैलेनियम से भरपूर है। यह दो तरह की (पीले व सुनहरी भूरे रंग) होती है। मार्केट में साबुत, पिसी हुई और तेल के रूप में मिलती है।
फायदे : हृदयरोगों, मेनोपॉज के लक्षण घटाने, वजन व कोलेस्ट्रॉल कम करने, मधुमेह, ऑस्टियोपोरोसिस, अस्थमा, पाचन क्षमता बढ़ाने, कैंसर से बचाव व विषैले तत्त्व बाहर करने में मददगार है। इसके तेल की मालिश से रोमछिद्र खुलते हैं व बाल मजबूत होते हैं।
Published on:
02 Dec 2017 04:31 pm

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