
Testosterone booster may increase blood clot risk
शरीर में विटामिन, मिनरल्स और हार्मोंस की कमी को पूरा करने के लिए अधिकतर ही उसके सप्लीमेंट का लोग प्रयोग करते हैं, लेकिन क्या आपको ता है कि नेचुरली विटामिन-मिनरल्स या हार्मोंस को बढ़ाना सेहतमंद होता है, लेकिन सप्लीमेंट के जरिये इनकी पूर्ति शरीर को कई बार बीमारियों का शिकार भी बना देती है?
ये सप्लीमेंट है टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बढ़ने के लिए यूज होने वाली दवा। शरीर में जब टेस्टोस्टेरोन की कमी होती है तो कई बार टेस्टोस्टेरोन बूस्टर दिया जाता है या लोग खुद ही उसे लेने लगते हैं।
टेस्टोस्टेरोन हार्मोन सप्लीमेंट की जरूरत क्यों होती है
टेस्टोस्टेरोन हार्मोन पुरुषों में आम तौर पर कामेच्छा की कमी शीघ्रपतन, एकाग्रता में कमी, शारीरिक कमजोरी, मांसपेशियों की कमजोरी, स्मृति दोष या उदासी को दूर करने के लिए दी जाती है। कई मामलो में महिलाओं को भी ये तब दी जाती है जब वह सेक्सुअली एक्टिव नहीं होती ह्रैं। टेस्टोस्टेरोन हार्मोन यौन क्षमता का विकास के साथ शरीर को नियंत्रित रखता है।
टेस्टोस्टेरोन सप्लीमेंट के नुकसान
टेस्टोस्टेरोन की कमी दूर करने वाली सप्लीमेंट दवाएं सीधे ब्लड सर्कुलेशन पर असर दिखाती हैं और खून कई बार इनसे बेहद गाढ़ा हो जाता है और थक्के भी बनने लगते है। ये थक्के ब्डल सर्कुलेशन को रोकते हैं और कहीं भी बन सकते हैं। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और पैराइलसिस का खतरा बढ़ता है। इन दवाओं से 63 प्रतिशत बढ़ ब्लड क्लाटिंग की संभावना बढ़ जाती है।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।
Published on:
29 May 2022 09:01 am

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