रोग और उपचार

डॉक्टर खाली पेट या खाने के बाद दवा लेने को क्यों कहते हैं?

दवाएं खाली पेट लें या खाने के बाद, दवा तो अपना असर दिखाएगी। डॉक्टर की परामर्श के अनुसार दवाएं नहीं लेने से तकलीफ कम होने की बजाए बढ़ सकती है। साइड इफेक्ट भी हो सकता है।

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Mar 23, 2019
क्या आप जानते हैं, डॉक्टर खाली पेट या खाने के बाद दवा लेने को क्यों कहते हैं?

क्या आपने कभी सोचा कि डॉक्टर दवाएं खाली पेट या कुछ खाने के बाद लेने के लिए क्यों कहते हैं? इसके फायदे और नुकसान क्या हैं? चिकित्सक रोग की प्रकृति व साल्ट के आधार पर दवा लेने की सलाह देते हैं, क्योंकि हर दवा की शरीर में घुलने की क्षमता अलग होती है। इसीलिए चिकित्सक किसी दवा को खाना खाने से पहले, किसी को खाने के दौरान तो किसी को खाना खाने के बाद लेने की सलाह देते हैं।
घुलनशील दवाएं खाली पेट
खाने के बाद पेट में एसिड बनते हैं। कुछ दवाएं जो पानी में जल्द घुलने वाली होती हैं उन्हें खाली पेट लेनी होती हैं। बाद में लेने से इनका असर कम होता है।
खाने से आधा घंटा पहले : पेट की गतिविध तेज करने वाली दवाएं खाने से आधे घंटे पहले लेते हैं।
खाने के बाद : ऐसी दवाएं (पेनकिलर) जो पेट में एसिडिटी, अल्सर जैसी बीमारियों का कारण बनती हैं। खाने के कुछ समय बाद लेने की सलाह दी जाती है।

इसलिए शेक करना जरूरी
सिरप में लिक्विड भाग फ्लेवर व गाढ़ा भाग दवा के कणों का होता है जो प्रयोग नहीं होने से सतह पर बैठ जाते हैं। इसलिए पीने से पहले शेक (हिलाना) करना जरूरी है।
- डॉ. प्रियंका राठी फार्माकोलॉजिस्ट, आरयूएचएस, जयपुर

Published on:
23 Mar 2019 03:30 pm
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