दुमका। इन दिनों जिला क्षेत्र के सोमाय झोपड़ी में घातक बीमारी चेचक का प्रकोप फैला हुआ है। इसकी चपेट में आने से 40 वर्षीय सुनीता पूर्ति की मौत भी हो चुकी है, वहीं करीब दर्जनभर लोगों में इसके लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इनमें से तीन बच्चे इस बीमारी से गंभीर रूप से पीडि़त हैं।
जानकारी में पीड़िता के परिजनों की मानें तो उसमें भी चेचके के ही लक्षण दिख रहे थे। कहा कि सोमाय झोपड़ी के लोगों को डर सता रहा है कि कहीं यह बीमारी महामारी का रूप न ले ले। सबसे चिंताजनक बात यह है कि सोमवार तक जिला स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी नहीं थीं।
जिला सर्विलांस पदाधिकारी डॉ. साहिर पाल ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने मेडिकल टीम भेजने की बात कही है।
अंधविश्वास में उलझे लोग
जिन घरों के सदस्यों को चेचक के लक्षण दिख रहे हैं, वहां लोग इस बीमारी को देवी का प्रकोप मान रहे हैं। वे डॉक्टरी इलाज की बजाय मान्यता के अनुसार साफ-सफाई, पूजा-पाठ और खान-पान में परहेज बतरता जा रहा है।
सिविल सर्जन एसके झा ने कहा कि क्षेत्र में कुछ लोगों के बीमार होने की सूचना मिली है। जल्द ही मेडिकल टीम भेजी जाएगी, जो बीमारी की पहचान करेगी। साथ ही यहां पिडि़तों के इलाज के लिए कैंप भी लगाया जाएगा।