
जानकारी के अनुसार भेमई निवासी कचरू पुत्र धुलिया जोगी मुंबई के मलाड क्षेत्र में किराए पर केन्टिन चलाता है। करीब 20 दिन पहले कचरू हिण्डोलिया निवासी दिलीप (१८) पुत्र मोहन बारिया को अपने केन्टिन पर काम करने के लिए मुंबई ले गया। वहां तीन दिन पहले दिलीप की अचानक तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम सहित अन्य कार्रवाई के बाद मंगलवार सुबह उसका शव गांव पहुंचा। इससे पहले ही बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। सूचना पर चीतरी थानाधिकारी अजयसिंह राव भी मय जाप्ता पहुंचे। शव रखी एम्बुलेंस आते ही लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने मृत्यु के हालातों पर भी संदेह जताते हुए रोष जताया। पुलिस तथा गांव के मौतबिरों ने समझाइश की।
पुलिस ने समझाइश कर शव को हिण्डोलिया भेजा। इसके बाद भी लोग काफी देर तक शव एम्बुलेंस से उतारने को तैयार नहीं हुए। दोपहर तक समझाइश का दौर चला। वहीं दोनों पक्षों के बीच समझौता वार्ता भी हुई। दोपहर बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए।
मृतक दिलीप के पिता मोहन भी पूर्व में कचरू के ही केन्टिन में काम करते थे। पुरानी पहचान के कारण ही कचरू दिलीप को अपने साथ ले गया था। मृतक अपने परिवार का सबसे बड़ा बेटा था तथा परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी भी उसी पर थी। उसके एक भाई व बहन भी है।
Published on:
24 Jul 2018 08:18 pm
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