कंप्यूटर से भी तेज दिमाग वाली थी ये महिला, लोग कहते थे ह्यूमन कंप्यूटर

कंप्यूटर से भी तेज दिमाग वाली थी ये महिला, लोग कहते थे ह्यूमन कंप्यूटर

Anil Kumar Jangid | Publish: Mar, 29 2018 04:13:29 PM (IST) दुनिया अजब गजब

दुनिया में शकुंतला देवी एक ऐसा नाम है जिसको चलता फिरता ह्यूमन कंप्यूटर कहा जाता है

दुनिया में शकुंतला देवी एक ऐसा नाम है जिसको चलता फिरता ह्यूमन कंप्यूटर कहा जाता है। शकुंतला दवी की विशेषता उनकी कैलकुलेशन करने की क्षमता थी जो एक कंप्यूटर से भी ज्यादा तेज थी। वो किसी भी तरह की कैलकुलेशन कंप्यूटर से भी तेज गति से करने के लिए जानी जाती है। उनका स्वर्गवास अप्रैल 2013 में हो गया लेकिन आज भी उनके जैसे दिमाग वाली महिला भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में दूसरी नहीं हुई।


शकुंतला देवी की सबसे खास बात ये थी कि वो गणित का बड़ा से बड़ा कैलकुलेशन मिनटों में हल कर देती थीं। इसके लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया था। उनके दिमाग की इस क्षमता की वास्तविकता पता करने के लिए कई बार उनका टेस्ट भी किया गया। लेकिन हर बार उन्होंने प्रत्येक टेस्ट पास कर अपने दिमाग को सबसे तेज होने का खिताब बनाए रखा। आज भी विज्ञान की दुनिया में शकुंतला देवी का दिमाग एक अजूबा और अबूझ पहेली है कि वो किस तरह कंप्यूटर और कैलकुलेटर से भी तेज गति से कैलकुलेशन करती थीं।

 

अनोखी है इस लड़की की लाइफस्टाइल , मोबाइल के साथ अपना हाथ भी करती है चार्ज

आज तक आपने लोगों को अपना मोबाइल, लैपटॉप या ब्लूटूथ चार्ज करते हुए ही देखा होगा। लेकिन क्या कभी ऐसी लड़की को देखा है इन चीजों के अलावा अपना हाथ ही चार्ज करती है। जब यह लड़की अपना हाथ चार्ज करती है तभी वो काम करता है। हम आपको इसी लड़की के बारे में बता रहे हैं। इस लड़की का नाम है एंजेल गिफ्रिया है जिसकी उम्र 28 साल है। दरअसल एंजेल के जन्म से ही बायां हाथ नहीं था। जब वो चार महीने की थी तब उसके माता-पिता ने डॉक्टरों की सलाह से उसके इलेक्ट्रिक हाथ लगवा दिया। यह ऐसा हाथ है तभी अच्छे से काम करता है जब उसें चार्ज किया जाता है। जैसे जैसे एंजेल बड़ी होती चली गई वैसे-वैसे उसके इलेक्ट्रिक हाथ को भी अपग्रेड किया जाता रहा। यह हाथ मोटोराइज्ड इलेक्ट्रिक है जिसका वो यूज कर रही है। एंजेल जब सुबह उठती है तो सबसे पहले वह अपना हाथ चार्ज करती है। क्योंकि उसके चार्ज होने के बाद ही वो काम करता है। एंजेल के माता-पिता का कहना है कि जब वो छोटी थी तब इलेक्ट्रिक बोर्ड की तरफ देखती थी तो वो समझ जाते थे कि वह अपना हाथ चार्ज करना चाहती है। उसका इलेक्ट्रिक हाथ चार्ज होने में लगभग 1 घंटे का समय लगता है और उसके बाद वो पूरा दिन काम करता है।

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