मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी इस्पात नगर रिसाली निवासी अविनाश महेश्वरी को पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस को साढ़े तीन साल से उसकी तलाश थी। एक आरोपी मनोज सिंह फरार है। अप्रैल 2013 में अविनाश और मनोज ने महासमुंद निवासी स्वर नील चंद्राकर का दाखिला महाराष्ट्र के वर्धा मेडिकल कॉलेज में कराने को लेकर उनके पिता विकास चंद्राकर से बात की थी।
नेवई थाने में दर्ज कराई थी शिकायत
आरोपियों ने सीट बुकिंग के नाम पर चंद्राकर से 6 लाख रुपए अग्रिम जमा कराया, लेकिन सत्र शुरू होने के महीनेभर बाद भी कोई ठोस जानकारी नहीं दी। चंद्राकर ने वर्धा जाकर पता किया तब मालूम हुआ कि वे ठगे गए। उन्होंने नेवई थाना में शिकायत दर्ज कराई। नेवई पुलिस की पेट्रोलिंग टीम क्षेत्र में घूम रही थी। तभी एक जवान की नजर अविनाश पर पड़ी। मरोदा रेलवे फाटक के पास उसे पकड़ लिया।
पुलिस ने धारा 420, 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। अब पुलिस अविनाश का साथी मनोज ङ्क्षसह की पतासाजी में लगी है। इस समय भी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का दौर चल रहा है। एसपी अमरेश मिश्रा के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज के आस-पास सादे पोशाक में क्राइम पुलिस के 15 जवान तैनात किए गए हैं जो संदेहियों पर नजर रख रही है। कॉलेज के अलावा होटल व लॉज में ठहरने वालों पर भी पुलिस की खास नजर है।
इसके लिए अलग से वाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है जिसके जरिए पुलिस के आला अफसरों को रिपोर्टिंग की जा रही है।