इसके लिए 2008 से 10 के बीच 7 वन्य प्राणी एक्सचेंज किए। कम वन्य प्राणी देकर ज्यादा लाए गए, ताकि संख्या बढ़े। यहां जो वन्य प्राणी नहीं थे, वे लाए गए। इस दौरान ही मोर, गोल्डन पिजेंट, ब्लेक बक, नील गाय, स्याही, कबर बिज्जु व जंगली सुअर जैसे पक्षी व वन्य प्राणी जू में लाए गए हैं। वन्य प्राणियों के प्रकार व संख्या बढ़ाने के साथ ही प्रबंधन जवाहर उद्यान को जोड़कर क्षेत्रफल में भी बढ़ोत्तरी की। बाघों की लगातार मौत के बाद प्रबंधन के स्माल से मीडियम जू के दर्जे में आने के प्रयास को झटका लगा है।