
दुर्ग . बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की सार्थकता उस समय नजर आई जब प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रयास कर अभाव में जी रही मितानीन की बेटी को नर्सिंग कॉलेज में दाखिल कराया। भिलाई-तीन चरोदा निवासी ममता रजक का दाखिला नर्सिंग कॉलेज में हुआ था, लेकिन उसके पास फीस जमा करने के लिए पैसे नहीं थे।
ईधर उधर भटकने के बजाय ममता ने सीधे प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों ने ममता की इच्छा शक्ति देखने के बाद श्रेयस नर्सिंग कॉलेज में उसका दाखिला कराया। कलेक्टर जनदर्शन में सहमी सहमी सी पहुंची ममता को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह अपनी बात अधिकारियों के सामने कैसे रखे।
वह कुछ कह पाती उससे पहले कलेक्टर उमेश अग्रवाल उसे पास बुलाकर पूछताछ करने लगे। ममता ने हिम्मत जुटाते हुए कहा कि वह नर्सिंग की पढ़ाई करना चाहती है। भर्ती सूची में उसका नाम भी है, लेकिन वह दाखिला नहीं ले पा रही है, क्योंकि उसके पास इतने पैसे नहीं है। कलेक्टर ने पूरी बात ध्यान से सूनी और कुछ देर रुकने कहा। बाद में उसे यह बोलकर जाने कहा कि जल्द ही कुछ न कुछ रास्ता निकाला जाएगा।
मां के कंधे पर परिवार की जिम्मेदारी
ममता के पिता अस्वस्थ हैं। वे घर पर ही रहते हैं। उसकी मां भिलाई-तीन चरोदा में मितानीन है। पूरे घर की जिम्मेदारी उसकी मां पर है। यही कारण था कि वह अपनी मां से भी कुछ नहीं कह पा रही थी। ममता ने अतत: जनदर्शन में अधिकारियों के सामने गुहार लगाना उचित समझा।
महिला समूहों को शौचालयों की जिम्मेदारी
नगर निगम के सार्वजनिक शौचालयों का संचालन का दायित्व अब महिला समूहों को दिया जाएगा। महिला समूहों के अलावा इच्छुक एनजीओ व व्यापारिक संस्थाओं को भी यह जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिएनगर निगम ने 8 दिसंबर तक प्रस्ताव मंगाए हैं।
गांधी नगर वार्ड 39, वार्ड 5 गोपाल मंदिर, मोहन नगर वार्ड 13, जवाहर नगर वार्ड 18, फोकट पारा वार्ड 44, बघेरा वार्ड 55, बोरसी बस्ती वार्ड 51, सिकोला बस्ती वार्ड 16, कुंदरा पारा वार्ड 53, पोटियाकला वार्ड 53 का सार्वजनिक शौचालय समूहों को दिया जाएगा। संंबंधित समूहों को संचालन के साथ शौचालयों की देख-रेख व मेंन्टनेंस भी जिम्मेदारी दी जाएगी।
Published on:
29 Nov 2017 10:52 am
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