छह महीने पहले ही हो गई थी इमरजेंसी लगाने की प्लानिंग, अंजाम देने के लिए किए गए थेे ये 10 काम

छह महीने पहले ही हो गई थी इमरजेंसी लगाने की प्लानिंग, अंजाम देने के लिए किए गए थेे ये 10 काम

Soma Roy | Publish: Jun, 25 2019 10:01:22 AM (IST) दस का दम

  • Emergency : आपातकाल की योजना पूर्व कानून मंत्री एच आर गोखले समेत दो अन्य कांग्रेसी नेताओं ने मिलकर बनाई थी
  • देश में आपातकाल की घोषणा 25 जून 1975 को की गई थी, इसमें इंदिरा ने धारा 352 के तहत विशेषाधिकारों का प्रयोग किया था

नई दिल्ली। 25 जून साल 1975 की रात भारत के इतिहास में एक काला दिन साबित हुआ। इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी यानि आपातकाल लगाए जाने की घोषणा की थी। इससे चारों ओर मार—काट मच गई थी। आज ही के दिन घटी इस घटना के 44 साल पूरे होने के मौके पर हम आपको इससे जुड़े कुछ ऐसे तथ्यों के बारे में बताएंगे, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे।

1.मालूम हो कि आज के दिन साल 1975 में इंदिरा गांधी के निर्णय लिए जाने पर राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने देश में आपातकाल लगाने की घोषणा की थी।

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2.इंदिरा गांधी ने कई राजनीतिक मुदृदों को ध्यान में रखते हुए देश में इमरजेंसी लगाए जाने की बात कही थी। हालंकि आपातकाल लगाए जाने के पीछे की वजह कांग्रेस पार्टी के खिलाफ खड़े हो रहे विरोधियों को मात देना था।

3.बताया जाता है कि इंदिरा ने देश में तुरंत आपातकाल नहीं लगवाया था, बल्कि इसके लिए पूरी प्लानिंग की गई थी। इसे अमल में लाने का काम छह महीने पहले से ही शुरू कर दिया गया था। जिसके तहत 8 जनवरी 1975 को इंदिरा के करीबी सिद्धार्थ शंकर रे ने उन्हें खासतौर पर चिट्ठी भेजकर इसकी योजना बताई थी।


4.कहते हैं कि इमरजेंसी की योजना पूर्व कानून मंत्री एच आर गोखले, कांग्रेस अध्यक्ष देवकांत बरुआ और बांबे कांग्रेस के अध्यक्ष रजनी पटेल के नेतृत्व में बनाई गई थी।

5.कांग्रेस ने अपने विरोधियों का मुंह बंद करने के लिए उनके नेताओं को जेल में डालने से लेकर मीडिया में छपने वाली ऐसी खबरों पर भी रोक लगा दी थी।

emergency declared

6.आम आदमी की बात को भी दबाया जाने लगा था। इसके बावजूद लोगों के शांत न बैठने पर इंदिरा गांधी ने धारा-352 का इस्तेमाल किया था। जिसके तहत सरकार को कई विशेषाधिकार मिल गए थे।

7.बताया जाता है कि इमरजेंसी लगाने के बाद दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित अखबारों के दफ्तरों की बिजली काट दी गई थी। जिससे मीडिया घटनाक्रम के बारे में किसी को बता न सके।

8.इतना ही नहीं इमरजेंसी लगाने की औपचारिक जानकारी से पहले ही इंदिरा गांधी के नेतृत्व में उनके विशेष सहायक आर के धवन, संजय गांधी और ओम मेहता के साथ मिलककर उन लोगों की लिस्ट बना रहे थे जिन्हें गिरफ्तार किया जाना था।

9.पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आपतकाल की घोषणा किए जाने के एक दिन पहले विपक्षी दल के नेता जयप्रकाश नारायण ने एक रैली की थी। जिसमें उन्होंने इंदिरा गांधी की सरकार को निस्तनाबूत करने का दावा किया था। इस बात से डरकर भी इमरजेंसी की घोषणा जल्दी की गई थी।

10.कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि 12 जून 1975 को आए इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले ने इंदिरा को बेचैन कर दिया था जिसमें कोर्ट ने उनका रायबरेली से चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। ऐसे में इंदिरा को अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए इमरजेंसी का सहारा लेना पड़ा था।

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