
नई दिल्ली। हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार का दिन शुभ माना जाता है। चूंकि बजरंगबली पराक्रमी माने जाते हैं इसलिए उनकी आराधना करने से व्यक्ति साहसी और निडर बनता है। इसके अलावा आप अगर कर्ज के बोझ तले दबे हैं या कोई अन्य समस्या है तो मंगलवार को किए गए उपाय कारगर साबित हो सकते हैं।
1.यूं तो बजरंगबली के कई स्वरूप है, लेकिन हिंदू शास्त्रों के अनुसार श्रीराम एवं माता सीता समेत उनकी पूजा करने से व्यक्ति को सुख-शांति की प्राप्ति होती है। इसके अलावा वास्तु शास्त्र के मुताबिक मंगलवार के दिन हनुमान जी के 11 मुखी रूपों में से किसी एक के भी दर्शन करना अत्यन्त शुभ माना जाता है।
2.हिंदू शास्त्रों के मुताबिक पूर्व मुखी हनुमान जी पूजा करनी चाहिए। उनके इस स्वरूप को 'वानर' कहा जाता है। इनका पूजन करने से समस्त शत्रुओं का नाश होता है।
3.बजरंगबली के पश्चिममुखी स्वरूप की पूजा करने संकट दूर होते हैं। उनके इस स्वरूप को 'गरूड़' कहा जाता है। इससे कर्ज से भी छुटकारा मिलता है।
4.उत्तरामुखी हनुमान जी की आराधना करने से धन-दौलत, ऐश्वर्य, प्रतिष्ठा, लंबी आयु तथा निरोगी
काया प्राप्त होती है। पौराणिक धर्म ग्रंथों के अनुसार हनुमान जी के इस स्वरूप को 'शूकर' कहा जाता है।
5.दक्षिणामुखी हनुमान जी के दर्शन करने से व्यक्ति को भय, चिंता और परेशानियों से मुक्ति मिलती है। इनके इस स्वरूप को 'भगवान नृसिंह' के नाम से जाना जाता है।
6.ऊर्ध्वमुख वाले हनुमान जी के दर्शन करने से व्यक्ति के सारे कष्ट दूर होते हैं। शास्त्रों के अनुसार हनुमान जी का यह स्वरूप ब्रह्माजी की प्रार्थना पर प्रकट हुआ था। उनका यह स्वरूप 'घोड़े' के समान रहता है।
7.पंचमुखी हनुमान के दर्शन सबसे शुभ माने जाते हैं। क्योंकि इसमें वो वराह मुख,नरसिंह मुख,गरुड़ मुख,हयग्रीव मुख और हनुमान मुख का रूप लिए हुए होते हैं। इनकी पूजा से सारे बिगड़े काम बन जाते हैं।
8.एकादशी हनुमान को शिव के ही ग्यारहवें अवतार के तौर पर जाना जाता है। एकादशी और पंचमुखी हनुमान जी पूजा से सभी देवी और देवताओं की उपासना के फल मिलते हैं।
9.वीर हनुमान के स्वरूप की पूजा जीवन में साहस, बल, पराक्रम और आत्मविश्वास प्रदान कर सभी कार्यों की बाधाओं को दूर करती है।
10.भक्त हनुमान की पूजा से जीवन के लक्ष्य को पाने में आ रहीं अड़चनें दूर होती है। साथ ही इससे निष्ठा भावना और एकाग्रता बढ़ती है।
11.दास हनुमान की पूजा करने से समर्पण भाव पैदा होता है। क्योंकि इस स्वरूप में बजरंगबली श्रीराम के सेवक बने हुए होते हैं।
12.सूर्यमुखी हनुमान की उपासना से ज्ञान, विद्या, ख्याति, उन्नति और सम्मान मिलता है। इन्हें पूर्वमुखी हनुमान के नाम से भी जाना जाता है।
Updated on:
05 Mar 2019 02:29 pm
Published on:
05 Mar 2019 11:21 am
बड़ी खबरें
View Allदस का दम
ट्रेंडिंग
