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सूजन या दर्द से पाना है छुटकारा तो करें गेंदे के फूल का इस्तेमाल

गेंदे के फूल में एंटी-इंफ्लेमेंट्री गुण होते हैं, ये शरीर को हील करने में मदद करते हैं गेंदे की पत्तियों को पीसकर चोट पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है

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marigold flower

सूजन या दर्द से पाना है छुटकारा तो करें गेंदे के फूल का इस्तेमाल

नई दिल्ली। यूं तो गेंदे का फूल भगवान को चढ़ाने या सजावट के लिए घर में लगाया जाता है। मगर क्या आपको पता है कि ये कई बीमारियों से भी आपको बचा सकता है। दरअसल गेंदे के फूल एवं पत्तियों का पेस्ट लगाने से सूजन और दर्द समेत दूसरे रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है।

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1.गेंदे में एंटी-इंफ्लेमेंट्री गुण होते हैं, इसलिए सूजन को कम करने के लिए यह काफी उपयोगी होता है। इसकी चाय बनाकर पीने या लेप लगाने से सूजन कम होती है।

2.गेंदे में एंटी-माइक्रोबियल और एंटी- इंफ्लेमेंट्री गुण होते हैं इसलिए यह मुंहासों को खत्म करने के लिए उपयोगी होता है। इसे लगाने के लिए गेंदे के फूल की पंखुड़ियों को गुलाब जल के साथ पीसकर लगाएं।

3.गेंदे के फूल में एंटी- बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं। गेंदे की चाय पीने से कंपकपी लगना, बुखार आदि दूर होते हैं।

4.गेंदे का एक्सट्रेक्ट टूथपेस्ट में मिलाकर लगाने मसूड़ों की सूजन कम हो जाती है । साथ ही इससे सूजन के कारण खून आने की समस्या भी बंद होती है।

5.गेंदे में एंटी-इंफ्लेमेंट्री, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल गुण होते हैं। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।

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6.आंखों के इंफेक्शन को दूर करने के लिए भी गेंदा उपयोगी होता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए गेंदे के एक्सट्रैक्ट को को देसी घी के साथ मिलाकर आंखों में लगाएं। इससे आंखों की जलन, रूखापन आदि से छुटकारा मिलेगा।

7.अगर त्वचा में जलन होती है तो गेंदे की पत्तियों को पीसकर घाव में लगाएं। इससे चोट जल्दी भर जाएगा। इससे दर्द में भी आराम मिलता है।

9.गेंदा शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को निकाल देता है। यह पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी होता है।

10.गेंदे की चाय पीने से संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है। इससे सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार आदि का खतरा नहीं होता है।