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शनि अमावस्या पर पढ़ लें शनि देव के ये 10 मंत्र, मिलेगी सारे दोषों से मुक्ति

4 मई को मनाया जा रहा है शनि अमावस्या का पर्व, इसे शनैश्चरी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है शनि अमावस्या के दिन शिव और हनुमान जी के मंत्र पढ़ने से भी लाभ होता है

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Soma Roy

May 04, 2019

shani amavasya 2019

शनि अमावस्या पर पढ़ लें शनि देव के ये 10 मंत्र, मिलेगी सारे दोषों से मुक्ति

नई दिल्ली। शनिवार के दिन अमावस्या के पड़ने पर इसे शनि अमावस्या के तौर पर मनाया जाता है। आज यानि 4 मई को ये पर्व मनाया जा रहा है। इसे शनैश्चरी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन शनि देव की पूजा करने एवं उनके कुछ खास मंत्रों का जाप करने से देव की कृपा प्राप्त होगी। साथ ही आपको सारे दोषों से मुक्ति भी मिलेगी।

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1. ज्योतिष शास्त्री लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के अनुसार शनि अमवास्या के दिन शनि देव की आराधना से दोगुना फल मिलता है। ऐसे में ॐ शन्नोदेवीर- भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः। मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को सभी तरह के कष्टों से छुटकारा मिलेगा।

2.जिन लोगों की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में हैं उन्हें शनि अमावस्या के दिन ॐ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।। मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। ऐसा करने से शनि का नकारात्मक प्रभाव कम होगा।

3.जो लोग दूसरों को अपने वश में करना चाहते हैं या उनसे अपना काम निकलवाना चाहते हैं तो उन्हें ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः। मंत्र पढ़ना चाहिए। ये शनि देव का तांत्रिक मंत्र है, जो काफी प्रभावशाली है।

4.जीवन में सम्मान पाने और नौकरी में तरक्की के लिए शनि अमावस्या को ॐ ह्रीं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम ।। मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे शनि देव की आप पर कृपा होगी।

5.धन की प्राप्ति के लिए ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:। मंत्र को पढ़ें। ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न होंगे। जिससे आय के स्त्रोत बढ़ेंगे। शनि देव के इस मंत्र को महज 8 बार पढ़ें।

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6.ज्योतिष शास्त्री लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के अनुसार जो लोग घर-परिवार में खुशहाली चाहते हैं उन्हें ॐ भूर्भुव: स्व: शन्नोदेवीरभिये विद्महे नीलांजनाय धीमहि तन्नो शनि: प्रचोदयात्। मंत्र का जाप करना चाहिए। ये शनि देव का गायत्री मंत्र है। इसे पढ़ने से घर का वातावारण सकारात्मक बनता है।

7.शनि देव को प्रसन्न करने और सफलता पाने के लिए ॐ शन्नोदेवीर- भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः। मंत्र का जाप करें। इससे आपके जीवन में खुशहाली आएगी।

8.चूंकि शनिवार को हनुमान जी की पूजा करने से भी लाभ होता है। इसलिए ॐ हनुमते नमः मंत्र को 108 बार पढ़ने से भी शनि दोष से छुटकारा मिलता है।

9.शनि अमावस्या के दिन शिव के 'ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्द्धनं उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्' मंत्र के जप से भी दोगुना लाभ होता है। क्योंकि शनि देव शिव जी को अपना गुरू मानते हैं।

10.शनि देव के प्रकोप से बचने के लिए ॐ शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप भी लाभकारी साबित होता है। इससे आपके सारे बिगड़े हुए काम संवर जाएंगे।