
वल्र्ड मिल्क डे : मिल्कमैन वर्गिस कुरियन के बारे में नहीं जानते होंगे ये 10 बातें, मदर डेयरी की शुरुआत में था इनका हाथ
नई दिल्ली। डेयरी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 1 जून यानि आज पूरे विश्व में मिल्क डे मनाया जाता है। आज इसी खास मौके पर हम आपको भारत के ऐसे मिल्कमैन के बारे में बताएंगे, जिन्होंने देश में दूध के उत्पादन को बढ़ाने और मदद डेयरी की शुरुआत में अपना योगदान दिया। तो कौन है वो शख्स आइए जानते हैं।
1.वैसे तो भारत में दूध बेचने का काम बहुत पहले से हो रहा है, लेकिन इसे व्यवसाय का एक जरिया बनाने में वर्गिस कुरियन नाम के शख्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने न सिर्फ दूध के उत्पादन को बढ़ाया बल्कि इसकी अहमियत समझाने के लिए श्वेत क्रांति भी की।
2.सीरियान के एक ईसाई परिवार में जन्मे वर्गिस ने यूएस से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स की डिग्री हासिल कर भारत लौटे। इसके बाद उन्होंने यहां डेयर प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने का काम किया। उन्होंने ही देश में मदद डेयरी के गठन और इसके विकास के लिए पहल की थी।
3.वर्गिस किसानों और पशुपालकों की हालत सुधारना चाहते थे। इसी मकसद से उन्होंने साल 1970 में ऑपरेशन फ्ल्ड शुरू किया। जिसमें देश को डेयर उत्पादों से समृद्ध बनाने की पहल की गई। वर्गिस की यही मुहिम आगे जाकर श्वेत क्रांति में तब्दील हो गई।
4.उनकी ओर से शुरू किए गए ऑपरेशन फ्ल्ड में करीब 72 हजार गांव शामिल हुए थे। जिन्होंने दूध के उत्पादन को बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
5.वर्गिस ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई प्रयोग किए। इसके तहत उन्होने भैंस के दूध से मिल्क पाउडर के बनने और इसे दूसरे तरीकों से इस्तेमाल करने पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने साल 1955 में एक प्लांट भी लगाया। जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने किया था।
6.दुग्ध उत्पादन से पूरी दुनिया में भारत की शान बढ़ाने के लिए वर्गिस ने गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड का भी गठन किया।
7.वर्गिस कुरियन ने डेयरी प्रोडक्ट सप्लाई का सबसे पहला काम दुग्ध जगत के मशहूर ब्रांड आनंदा के साथ किया था।
8.उन्होंने भारत में दुग्ध उत्पादन को एक सफल व्यवसाय बनाने के लिए विदेशों में भी इसका प्रचार किया। उन्होंने कई यूरोपियन देशों को दूध दान के लिए भी प्रेरित किया था।
9.उनकी ओर से रोम देश में दूध के उत्पादन को बढ़ावा देने को लेकर दिया गया संदेश काफी चर्चा में रहा था। एक कांफ्रेस के दौरान कही गई उनकी इस बात का असर काफी ज्यादा हुआ था।
10.डेयरी प्रोडक्ट्स और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वर्गिस की ओर से दिए गए योगदान के लिए उन्हें कई पुरस्कारों से भी नवाजा गया है। इसमें सन 1965 में में उन्हें पद्मश्री और सन 1966 में पद्मभूषण शामिल है।
Updated on:
01 Jun 2019 11:03 am
Published on:
01 Jun 2019 10:15 am
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