भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) के पूर्व गवर्नर बिमल जालान ने कहा है कि अारबीआर्इ केंद्र सरकार के प्रति जवाब देह है। उसे सरकार द्वारा तय फ्रेमवर्क के तहत ही नीतियों को निर्माण करना चाहिए।
नर्इ दिल्ली।भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) के पूर्व गवर्नर बिमल जालान ने कहा है कि अारबीआर्इ केंद्र सरकार के प्रति जवाब देह है। उसे सरकार द्वारा तय फ्रेमवर्क के तहत ही नीतियों को निर्माण करना चाहिए। बताते चलें कि केंद्रीय बैंक के स्वायत्तता के लेकर उठे विवाद के बाद बिमल जालान को उस पैनल का अध्यक्ष चुना गया था जिसमें सरप्लस फंड सरकार को ट्रांसफर करने काे लेकर फ्रेमवर्क तय करना था। सरकार आैर आरबीआर्इ के बीच विवाद के बाद गवर्नर उर्जित पटेल ने इस्तीफो दिया था। पटेल ने अपने इस्तीफे के लिए नीजि कारणों का हवाला दिया था।
मौद्रिक नीति के क्रियान्वयन के लिए आरबीआर्इ सरकार के प्रति जवाबदेह
न्यज एजेंसी राॅयटर्स से बातचीत में बिमल जालान ने समिति की सिफारिशों पर बोलने से इन्कार कर दिया। हालांकि उन्होंने सरकार आैर केंद्रीय बैंक के बीच रिश्तों को लेकर उन्होंने अपनी बात रखी। जालान ने कहा, 'मौद्रिक नीति के क्रियान्वयन के लिए आरबीआई सरकार के प्रति जवाबदेह है।' यह भी बता दें कि इकनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क पर छह सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का चेयरमैन नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद यह उनका पहला साक्षात्कार था।
स्वायत्तशासी संस्थाआें को देनी होगी सेवांए
उन्होंने आगे कहा, "स्वायत्तशासी संस्थान और सरकार के बीच मतभेद हो सकते हैं। इस मामले में सरकार को राजनीतिक हालत कैसे हैं और वास्तव में सच्चाई क्या है, इसे देखते हुए व्यापक रुख अख्तियार करना चाहिए।" जालान ने कहा कि दूसरी तरफ, स्वायत्तशासी संस्थानों को वह सेवाएं देनी होंगी, जिसे जिसे पॉलिसी फ्रेमवर्क के रूप में सरकार ने मंजूरी दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार के साथ मतभेद खत्म होंगे क्योंकि केंद्रीय बैंक की बागडोर नए प्रबंधन के हाथ में है।
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